Featured Post

Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.

Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Thursday, August 12, 2021

Adidas sells Reebok to Authentic Brands for $2.5 billion.


Business New York TimesBy BY LAUREN HIRSCH Via NYT To WORLD NEWS

Covid snapshot: Today’s case and death numbers for the U.S.


World New York TimesBy BY SARAH CAHALAN Via NYT To WORLD NEWS

New Books That Look at the Pandemic and Its Consequences


Books New York TimesBy BY KAT ESCHNER Via NYT To WORLD NEWS

CM बनने के लिए ममता को किसी और सीट से जीतना होगा चुनाव, नंदीग्राम पर यह पेंच

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी हाल में हुए विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम से चुनाव हार गई थीं। टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने उनको हराया था। ममता ने अपनी हार को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। गुरुवार को अदालत ने इस मामले की सुनवाई 15 नवंबर तक टाल दी है। सीएम बनने के छह महीने के भीतर ममता को विधायक बनना जरूरी है, ऐसे में अब यह तय हो गया है कि ममता को पद पर बने रहने के लिए किसी और सीट से चुनाव जीतना होगा। ममता के पास 2 महीने 25 दिन बचे हुए हैं। गौरतलब है कि टीएमसी की तरफ से चुनाव आयोग से बार-बार खाली पड़ी सीटों पर उपचुनाव कराने के लिए कहा जा रहा है। ममता बनर्जी को सीएम बने रहने के लिए 5 नवंबर से पहले विधानसभा का सदस्‍य बनना होगा। तृणमूल कांग्रेस को डर है कि कोरोना महामारी के चलते अगर उपचुनाव में देर हुई तो ममता को अपने पद से इस्‍तीफा देना होगा। भवानीपुर सीट से ममता लड़ेगी चुनाव! गौरतलब है कि ममता की पारंपरिक सीट भवानीपुर से टीएमसी के शोभनदेव चट्टोपाध्‍याय चुनाव जीता था। उन्‍होंने ममता बनर्जी के लिए यह सीट छोड़ दी है। ममता बनर्जी वर्ष 2011 से इस सीट पर दो बार विधायक बन चुकी हैं। सुवेंदु अधिकारी जब टीएमसी छोड़कर बीजेपी में चले गए तो ममता ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। ममता करीब दो हजार वोटों से चुनाव हार गई थीं। ममता ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने बीजेपी के दबाव में गलत चुनाव परिणाम घोषित किया है।

भड़काऊ नारेबाजी मामले में फरार पिंकी चौधरी की हथियारों के साथ फोटो वायरल, दिल्‍ली पुलिस कर रही छापेमारी

गाजियाबाद दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर समुदाय विशेष के खिलाफ हुई नारेबाजी के मामले में पुलिस को हिंदू रक्षा दल के नेता पिंकी चौधरी की तलाश है। इस बीच, फरार पिंकी चौधरी की एक फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्‍वीर में वह कई ऑटोमैटिक हथियारों के साथ बैठा दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, ट्विटर पर तेजी के साथ #ArrestPinkyChaudhary ट्रेंड हो रहा है। दिल्‍ली पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। गाजियाबाद के रहने वाले पिंकी चौधरी ने एक बार दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमले की कोशिश की थी। पिछले साल जेएनयू में हुई हिंसा की जिम्‍मेदारी भी पिंकी चौधरी ने ली है। वह हिंदू रक्षा दल नाम के एक संगठन से जुड़ा है। चौधरी ने ही 2013 में यह संगठन बनाया था। पिछले साल तक इसके 1 लाख रजिस्‍टर्ड सदस्‍य थे। ज्‍यादातर सदस्‍य दिल्‍ली-एनसीआर से आते हैं। जनवरी 2014 में इस संगठन पर आम आदमी पार्टी के कौशाम्‍बी दफ्तर पर हमले का आरोप लगा। उस मामले में पुलिस ने चौधरी और अन्‍य को गिरफ्तार किया था। लाइव टीवी पर दे दी धमकी पिंकी चौधरी गत मंगलवार को एक न्‍यूज चैनल पर लाइव था। इस दौरान चौधरी ने कहा, 'हम कहां छिप रहे हैं? रात को दो बजे 50 पुलिसवाले हमारे घर क्‍यों जा रहे हैं? हमने ऐसा क्‍या गुनाह कर दिया है?' चौधरी ने दावा किया कि उन्‍होंने भड़काऊ नारे नहीं लगाए थे। जब उनसे सवाल किए गए तो उनके तेवर तीखे हो गए। उन्‍होंने कह दिया, 'दूसरे लोग नहीं मानेंगे तो हम मनवाने का काम करते हैं।' जेएनयू में बड़ी संख्‍या में घायल हुए थे छात्र-शिक्षक गौरतलब है कि इस साल पांच जनवरी को जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के दौरान नकाबपोश लोगों ने हमला कर बड़ी संख्‍या में छात्रों और शिक्षकों को घायल कर दिया था। पिंकी चौधरी के संगठन हिंदू रक्षा दल ने आगे भी ऐसा करने की धमकी दी थी।

प्रयागराज में मां-भाई की पिटाई से गुस्साई लड़की ने सब्जी में डाला जहर, 3 लोगों की मौत

प्रयागराज उत्तर प्रदेश से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को अपने परिवार के लिए खाने में कथित तौर पर एक रासायनिक खरपतवार नाशक मिलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कहा कि 15 वर्षीय लड़की ने अपने भाई और मां को सजा देने के लिए भोजन में जहर मिलाया था, जो उसे घर के कामों को लेकर डांटते थे। डिप्टी एसपी (सोरांव) अमिता सिंह ने बताया कि, ‘चार से आठ अगस्त के बीच फूड पॉइजनिंग की घटना में जांच से पता चलता है कि घर की एक नाबालिग लड़की ने परिवार के सदस्यों की हत्या की साजिश रची थी।’ मां ने बेटी के खिलाफ दर्ज कराई हत्या की रिपोर्ट आरोपी लड़की की मां ने अपनी बेटी के खिलाफ होलागढ़ पुलिस में आईपीसी की धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें परिवार के तीन सदस्यों की हत्या करने और अस्पताल में भर्ती होने पर घरेलू सामान चोरी करने का आरोप लगाया गया था। लड़की ने खाने में मिलाया था कीटनाशक..खुद नहीं खाया पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की ने 28 जुलाई को खाने में कीटनाशक मिलाया था और इसके तुरंत बाद, परिवार के पांच सदस्य गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। आरोपित युवती ने कीटनाशक वाली सब्जी नहीं खाई थी और उसकी जगह अचार व चावल खाया था पिता, मां, बड़े भाई और छोटी बहन समेत 4 लोग थे अस्पताल में भर्ती पिता, मां, बड़े भाई और छोटी बहन समेत परिवार के चार सदस्यों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस को घटना के बारे में तब पता चला जब ग्राम प्रधान ने उन्हें 4 अगस्त को पिता की संदिग्ध मौत की सूचना दी। पुलिस को लड़की पर हुआ शक लड़की के 16 साल के भाई और 6 साल की बहन की 8 अगस्त को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस बीच पुलिस को लड़की के इस रवैये पर शक हुआ और मामले की गहनता से जांच शुरू की। नाराज होकर रच दी हत्या की साजिश पुलिस ने कहा कि नाबालिग लड़की ने अपनी मां और भाई की नियमित फटकार और पिटाई की। घटनाओं से नाराज होकर अपने परिवार के सदस्यों की हत्या की साजिश रचने के लिए यह कदम उठाया था। ..इसलिए लड़की ने उठाया खतरनाक कदम परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद आरोपी नाबालिग लड़की और उसकी मां समेत सिर्फ दो सदस्य ही बाल-बाल बचे। पूछताछ के दौरान, नाबालिग लड़की ने मिलाए गए खरपतवारनाशी होने की बात मानी, क्योंकि वह अपने भाई और मां को डांटने के लिए सजा देना चाहती थी।

राजस्थान में स्कूल खोलने की घोषणा, 1 सितंबर से शुरू होंगी कक्षाएं, पढ़ें पूरी जानकारी

जयपुर। राजस्थान में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 1 सितंबर से खुलेंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी घोषणा कर दी है। ट्विटर पर स्कूल खोलने को लेकर जानकारी देते हुए गहलोत ने दिशा निर्देश भी साझा किए हैं। इनके तहत स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं, कॉलेज , यूनिवर्सिटीज और कोचिंग संस्थानों में अब 1 सितंबर से नियमित कक्षाएं शुरू हो सकेंगी। गहलोत ने बताया कि, मंत्री समूह की ओर से प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन-अध्यापन गतिविधियां शुरू करने के लिए की गई सिफारिशों का अनुमोदन कर दिया है। गृह विभाग ने शैक्षणिक संस्थानों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूलों में कक्षाएं केवल 50% उपस्थिति क्षमता के साथ चल सकेंगी। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम हेतु निर्धारित प्रोटोकॉल व समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की सभी शैक्षणिक परिसरों में सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाएगी। शिक्षण संस्थानों में कक्षाओं का संचालन की गाइडलाइन• राज्य के सरकारी/निजी विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/विद्यालयों (कक्षा 9वीं से 12वीं तक) की नियमित शिक्षण गतिविधियों का संचालन 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 1 सितम्बर से प्रारम्भ किया जा सकेगा। • विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/विद्यालय के शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ एवं संस्थान के लिए आवागमन हेतु संचालित बस, ऑटो एवं कैब के चालक इत्यादि को 14 दिन पूर्व वैक्सीन की कम-से-कम एक खुराक अनिवार्य रूप से लेनी होगी। • प्रदेश के समस्त कोचिंग संस्थान अपने शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ के वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुके होने की अनिवार्यता की शर्त के साथ 1 सितम्बर से बैठक 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगे। साथ ही, संबंधित संस्थान द्वारा e-intimation के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल https://ift.tt/2XKXTWp पर संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या, बैठक क्षमता एवं कुल स्टाफ/कार्मिकों/विद्यार्थियों के प्रतिशत वैक्सीनेशन की सूचना अपलोड करनी होगी। • शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ/विद्यार्थियों के आवागमन हेतु संचालित स्कूल बस/ऑटो/कैब इत्यादि वाहन की बैठक क्षमता के अनुसार ही अनुमत होंगे। • नियमित कक्षाओं के अध्ययन के लिये छात्रों की बैठक व्यवस्था एक सीट छोड़कर इस प्रकार की जायेगी कि प्रत्येक कक्ष में छात्रों की उपस्थिति कक्ष की क्षमता के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो। • ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग अध्यापन को वरीयता और प्रोत्साहन दिया जाएगा। • विद्यालयों में कक्षा 1 से 8वीं तक की नियमित शिक्षण गतिविधियां आगामी आदेश तक केवल ऑनलाइन माध्यम से संचालित रहेंगी।