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Saturday, March 6, 2021

पहली बार रीवा पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष, कहा- मैं निष्पक्ष आसन पर बैठकर यहां के लिए पक्षपात करता रहूंगा


रीवा
विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार गिरीश गौतम रीवा पहुंचे। इस दौरान समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष आसन पर मैं बैठकर भी रीवा के लिए हमेशा पक्षपात करता रहूंगा। विंध्य के विकास में नए आयाम को जोड़ने की दिशा देंगे। इस दौरान उनके ऊपर जगह-जगह पुष्प की बारिश की गई है। साथ ही पूरे शहर में पोस्टर-बैनर लगाए गए थे।

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एमपी विधानसभा के अध्यक्ष ने जन्मभूमि का अभिवादन करते हुए राजनीति की प्रथम कर्मभूमि गूढ़ विधानसभा का नमन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 में यहीं से राजनीति का आरंभ हुआ था, जिसके बाद मनगवां विधानसभा ने संघर्ष के पर्याय को आगे बढ़ाया। विगत तीन पंचवर्षीय से देवतालाब विधानसभा से जीत रहा हूं, इसलिए वहां की जनता को भी नमन करता हूं। इतना ही नहीं विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने अपने संघर्ष के साथी रहे वरिष्ठ अधिवक्ता घनश्याम सिंह को भी याद किया।

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उन्होंने कहा कि भगवतशरण माथुर ने उन्हें भाजपा में लाकर उनके जीवन को नई ऊंचाइयां दी थी। अपने संबोधन में बोलते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संघर्षों में वह रीवा जिले से सबसे अधिक 70 बार जेल गए हैं। गिरीश गौतम ने कहा कि मैं रीवा को बहुत कुछ देना चाहता हूं। विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर कह दिया कि अब रीवा के साथ पक्षपात नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मैं जिस आसन पर बैठा हूं, तो उसे निष्पक्ष रहना चाहिए, मगर मैं रीवा के लिए हमेशा ही पक्षपात करता रहूंगा।


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Samastipur News: हाथ में ऑक्सीजन सिलेंडर...गोद में मासूम, बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की चौंकाने वाली तस्वीर


संजीव तरुण, समस्तीपुर
बिहार की नीतीश कुमार सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत क्या है इसकी चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। पूरा मामला समस्तीपुर के सदर अस्पताल का है। जहां एक बच्ची को लेकर अस्पताल आए परिजनों को आक्सीजन सिलेंडर के साथ इधर-उधर भटना पड़ा।

चौंकाने वाली बात ये है कि इस दौरान किसी भी स्वास्थ्यकर्मी की नजर मासूम के ऊपर नहीं गई। जिससे उसे एक बिस्तर या फिर स्ट्रेचर ही मुहैया करा दिया जाए। देखिए कैसे एक युवक ने हाथों में ऑक्सीजन सिलेंडर ले रखा है तो वहीं महिला की गोद में मासूम है। वह इलाज के लिए अस्पताल परिसर में चक्कर लगा रहे हैं।

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मामला जिले के सदर अस्पताल का है। बताया जा रहा कि मोरवा प्रखंड अस्पताल से बच्चे का इलाज कराने परिजन यहां आए। हाथों में सिलेंडर और गोद में बच्ची को लिए ये परिजन इमरजेंसी वार्ड में पर्ची कटाने गए। बावजूद इसके किसी कर्मी ने उस मासूम की ओर ध्यान नहीं दिया। परिजन इसी तरह मासूम को बचाने के लिए अस्पताल में भटकते रहे।


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