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Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS
Thursday, March 10, 2022
नरेंद्र मोदी को 2024 में जनता फिर से प्रधानमंत्री देखना चाहती है, 4 राज्यों में जीत के बाद बोले विजयवर्गीय
मुकेश सहनी को लेकर बीजेपी सांसद का बड़ा दावा, कहा- 20 मार्च से पहले होगा फैसला
मुजफ्फरपुर : यूपी में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत का असर बिहार एनडीए पर भी पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव वीआईपी प्रमुख और बिहार सरकार के मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahni leave from NDA) पर पड़ेगा। मुकेश सहनी आगे चलकर एनडीए में रहेंगे या नहीं, इसे लेकर बड़ा संशय है। इस बीच बीजेपी के सांसद ने बड़ा दावा किया है। बीजेपी सांसद अजय निषाद (muzaffapur BJP MP ajay nishad) ने कहा है कि मुकेश सहनी अब गठबंधन के हिस्सा नहीं हैं। 20 मार्च से पहले इस पर फैसला हो जाएगा। वहीं, अजय निषाद के दावे पर बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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दरअसल, गुरुवार को बीजेपी को मिली प्रचंड जीत के बाद मुजफ्फरपुर में भी जुलूस निकाली गई है। इस दौरान बीजेपी के तमाम बड़े नेता रंग गुलाल उड़ा रहे थे। साथ ही ढोल की थाप पर थिरक भी रहे थे। जुलूस के साथ चल रहे मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद ने कहा कि चार राज्यों के चुनाव परिणाम केंद्र और इन राज्यों में हमारी सरकारों की तरफ से किए गए विकास कार्यों पर जनता की मुहर है। उन्होने कहा कि इन राज्यों की जनता ने हमारे गठबंधन को पुनः मौका देकर हमारा हौसला बढ़ाया है। अजय निषाद ने यह भी कहा कि पहले से दोगुने उत्साह के साथ नई राज्य सरकारें, इन प्रदेशों में विकास का काम करेगी। #MukeshShahni #BJPMPClaims #BiharNews
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Wednesday, March 9, 2022
MP Budget : न महंगाई कम करने के उपाय, न नौकरियों की चिंता, बजट से उम्मीदें पूरी नहीं होने की निराशा
छतरपुरः बुधवार को पेश किए गए मध्य प्रदेश के बजट से आम लोग खुश नहीं हैं। लोगों को उम्मीद थी कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम कम करने के उपाय बजट में किए जाएंगे। बढ़ती बेरोजगारी से परेशान युवाओं ने भी बजट से उम्मीदें लगा रखी थीं, लेकिन उन्हें भी निराशा हाथ लगी है। एनबीटी ने मध्य प्रदेश के छतरपुर में लोगों से बजट पर प्रतिक्रिया जानी तो अधिकांश ने असंतुष्टि ही जताई।
फोटोग्राफर संतोष सेन ने कहा कि वे रोज 30 किलोमीटर दूर से जिला मुख्यालय आते हैं। आने-जाने में पेट्रोल पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। बजट से उम्मीद थी कि पेट्रोल-डीजल पर वैट कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दाम का असर सीधा रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। कोचिंग का संचालन करने वाले विजय वर्मा ने भी बजट से पेट्रोल की कीमतों पर लगाम लगाने की उम्मीद लगाई थी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पुष्पेंद्र ने बताया कि बजट से बेरोजगार युवाओं की उम्मीदें भी पूरी नहीं हुईं। उन्हें लग रहा था कि सरकार बड़ी संख्या में नौकरियां निकालेगी। बजट में कुछेक हजार भर्तियों की चर्चा ही की गई है। बढ़ती बेरोजगारी को देखते यह काफी नहीं है| एक अन्य युवक संजय का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी कर रहे हैं। सरकार 10 साल बाद नौकरियों की घोषणा करती है। यह ऊंट के मुंह में जीरे के जैसा है।
छतरपुर में रहकर पढ़ने वाली प्रीति अहिरवार बताती हैं कि बजट में महंगाई पर नियंत्रण के लिए कोई प्रावधान नहीं किए गए हैं। रसोई गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। बजट में सरकार ने रसोई गैस के दामों में कमी लाने की ओर ध्यान नहीं दिया।
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Stephen K. Bannon

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