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Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.

Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Monday, January 10, 2022

इस बार 5-10 प्रतिशत कोरोना मरीजों हो रहे भर्ती, केंद्र ने कहा- मगर सावधान रहिए! बदल सकती है स्थिति

नयी दिल्लीकेंद्र ने सोमवार को कहा कि इस बार अब तक पांच से दस प्रतिशत उपचाराधीन रोगियों को ही अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत हो रही है लेकिन स्थिति गतिशील है एवं बदल भी सकती है, ऐसे में राज्य घरों में पृथक-वास रह रहे या अस्पताल में भर्ती मरीजों पर नजर रखें। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे पत्र में कहा कि देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान अस्तपालों में भर्ती की जरूरत वाले रोगी 20-23 प्रतिशत थे। उन्होंने लिखा है कि ऐसा जान पड़ता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में नये स्वरूप ओमीक्रोन के आने एवं डेल्टा के बने रहने के कारण कोविड-19 के मामले बढ़े हैं, ऐसे में कोविड प्रबंधन के वास्ते मानव संसाधन खासकर स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान वृद्धि में, अबतक पांच से दस प्रतिशत उपचाराधीन रोगियों को अस्तपालों में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है। स्थिति गतिशील एवं परिवर्तनशील है। इसलिए अस्पतालों में भर्ती करवाने की जरूरत की स्थिति तेजी से बदल सकती है।’ उन्होंने लिखा कि सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को उपचाराधीन रोगियों की कुल संख्या, घरों में पृथक-वास में रह रहे मरीजों की संख्या, अस्पतालों में उपचाररत रोगियों की संख्या, ऑक्सीन बेड वाले मरीजों की संख्या, आईसीयू बेड, जीवनरक्षक प्रणाली की जरूरत आदि पर दैनिक रूप से नजर रखने की सलाह दी गयी है। विशाल स्वास्थ्य केंद्र, क्षेत्रीय अस्पताल, अस्थायी अस्पताल खोलने जैसे कदम उठाने को लेकर विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की तारीफ करते हुए भूषण ने कहा कि अवसंरचनाओं एवं मानव संसाधनों की अपनी सीमाएं हैं, इसलिए जहां भी संभव हो, स्वास्थ्यकर्मियों की अलग अलग टुकड़ियां बनाकर उनको पालियों/ चरणों में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड एवं गैर कोविड क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों के प्रबंधन के लिए नौ जनवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श का कड़ाई से पालन महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को कोविड देखभाल से जुड़े निजी क्लीनिकों में विभिन्न श्रेणियां तय करने का सुझाव दिया। भूषण ने पत्र में लिखा, ‘यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा लगाये जाने वाला शुल्क तर्कसंगत हो और अत्यधिक शुल्क वसूलने के मामलों, यदि कोई हो,की निगरानी की जाए एवं उन पर कार्रवाई की प्रणाली हो। ’ उन्होंने टेली कंसलटेशन सेवाओं के लिए सेवानिवृत्त चिकित्सा पेशेवरों और एमबीबीएस विद्यार्थियों की सेवा लेने तथा कोविड देखभाल केंद्रों पर सामुदायिक स्वयं सेवियों को मूलभूत देखभाल एवं प्रबंधन में कौशल प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया। स्वास्थ्य सचिव ने घरों के पृथक-वास या कोविड देखभाल केंद्रों से रोगियों को कोविड समर्पित अस्पतालों तक सुगमता से ले जाने के लिए अतिरिक्त एंबुलेंस या निजी वाहनों का प्रबंध करने का भी सुझाव दिया।

Mustache Controversy: पुलिसकर्मी को लगा ‘मूछ’ का डर, लगाई ये गुहार


एमपी में कॉन्स्टेबल राकेश राणा के निलंबन और इसे वापस लिए जाने पर मचे बवाल के बीच एक और पुलिस कॉन्स्टेबल ने अपनी मूछों (mp mustache controversy) की सलामती के लिए सरकार से अपील की है। अभिनंदन कट मूछों के लिए पुलिस विभाग में मशहूर कॉन्स्टेबल श्रीराम दुबे (Constable Shriram Dube Video) ने गुहार लगाई है कि बड़ी मूछें रखने के लिए किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

अपने सहकर्मियों के बीच भगत सिंह और अभिनंदन (constable mustache like abhinandan) के नाम से मशहूर पुलिसकर्मी ने कहा है कि मूछों की अपनी शान होती है। रौबदार मूछें रखने के चलते किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

मूछों के दीवाने कॉन्स्टेबल श्रीराम दुबे भिंड जिले के लहार तहसील के रहने वाले हैं। वे अशोकनगर जिले में 26 बटालियन में पदस्थ हैं। अपनी मूछों को लेकर वे अक्सर विभाग में चर्चा में बने रहते हैं। पिछले दो-तीन दिनों से श्रीराम दुबे डरे हुए हैं। उनके डर का कारण भी मूछें ही हैं। श्रीराम 27 साल से पुलिस में हैं। जब से उनकी मूछें आई हैं, उन्होंने कटवाई नहीं हैं। उन्होंने इसकी सलामती के लिए सरकार से अपील की है। #MustacheControversy, #MPNews, #Viralvideo


via WORLD NEWS

Robert Durst, Real Estate Scion Convicted as a Killer, Dies at 78


Obituaries New York TimesBy BY ROBERT D. MCFADDEN Via NYT To WORLD NEWS

चीन के साथ 14वें दौर की बातचीत, भारत ने कहा- सार्थक नतीजों की उम्मीद

नयी दिल्लीभारत पूर्वी लद्दाख में विवाद वाले शेष स्थानों पर मुद्दों को हल करने के लिए चीन के साथ ‘सार्थक’ बातचीत की उम्मीद कर रहा है। सैन्य प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों ने दोनों पक्षों के बीच 20 महीने के विवाद पर 14वें दौर की सैन्य वार्ता के मद्देनजर सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि यह वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की ओर चुशुल-मोल्दो बैठक स्थल पर 12 जनवरी को होगी। उन्होंने बताया कि ‘वरिष्ठ उच्च सैन्य कमांडर स्तरीय’ वार्ता सुबह साढ़े नौ बजे शुरू होगी। सार्थक बातचीक की उम्मीदउन्होंने कहा, ‘भारत टकराव वाले क्षेत्रों में मुद्दों को हल करने के लिए सार्थक बातचीत की उम्मीद कर रहा है।’ऐसा बताया जा रहा है कि बातचीत मुख्य रूप से हॉट स्प्रिंग्स इलाके में सैनिकों को हटाने पर केंद्रित होगा। ऐसी उम्मीद है कि भारत देपसांग बल्ज और डेमचोक में मुद्दों को हल करने समेत बाकी के टकराव वाले सभी स्थानों पर जल्द से जल्द सेना को हटाने पर जोर देगा। 13वें दौर की बातचीत रही बेनतीजातेरहवें दौर की वार्ता 10 अक्टूबर 2021 को हुई थी और यह वार्ता बेनतीजा रही थी। भारत और चीन 18 नवंबर को वर्चुअल कूटनीतिक वार्ता में 14वें दौर की सैन्य वार्ता करने पर राजी हुए थे ताकि पूर्वी लद्दाख में बाकी के टकराव वाले स्थानों पर पूरी तरह से सेना को हटाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। भारत और चीन की सेनाओं के बीच पैंगोंग झील इलाके में हिंसक झड़प के बाद पांच मई 2020 को पूर्वी लद्दाख की सीमा पर गतिरोध पैदा हो गया था।

Famed White Cliffs of Sicily Are Defaced in an Act of Vandalism


World New York TimesBy BY ELISABETTA POVOLEDO Via NYT To WORLD NEWS

Sunday, January 9, 2022

देश में बढ़ रहे कोरोना के मामले, मांडविया आज करेंगे 5 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक

नई दिल्लीकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया कोविड मामलों में तीव्र बढ़ोतरी के बीच स्थिति की समीक्षा के लिए सोमवार को पांच राज्यों एवं एक केंद्रशासित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ संवाद करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री राजस्थान, मध्य प्रदेश, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र एवं केंद्रशासित प्रदेश दादर एवं नागर हवेली एवं दमन और दीव के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ डिजिटल माध्यम से संवाद करेंगे। प्रधानमंत्री ने देश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के लिए रविवार को एक बैठक की अध्यक्षता की। देश में कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप से इस महामारी के मामले बढ़ गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार सुबह आठ बजे जारी किये गये आंकड़े के अनुसार कोरोना वायरस के 1,59,632 नये मामले सामने आये हैं जो 224 दिनों में सर्वाधिक है। देश में फिलहाल 5,90,611 कोविड-19 मरीज उपचाराधीन हैं जो 197 दिनों में सर्वाधिक है। पिछले साल 29 मई को भारत में एक दिन में 1,65,553 मामले सामने आये थे।

कोरोना को रोकने लिए किन चीजों की जरूरत? समीक्षा बैठक में पीएम मोदी ने बताया

नई दिल्लीकोविड-19 के नए स्वरूप ओमीक्रोन के चलते तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मद्देनजर ने देश में मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्‍होंने रविवार को जिलों में पर्याप्त स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा तैयार करने और किशोरों के टीकाकरण अभियान को मिशन मोड के आधार पर बढ़ावा देने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कोराना वायरस के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए जांच और टीकों के अलावा ‘जीनोम सिक्वेंसिंग’ सहित अन्य संबंधित मामलों के शोध की आवश्यकता पर बल दिया। कोविड पर नियंत्रण के लिए मास्क के इस्तेमाल और उचित दूरी के पालन की जरूरत को रेखांकित करते हुए उन्होंने हल्के व बगैर लक्षण वाले संक्रमण के मामलों में घरों में पृथकवास की जरूरत पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से हुई इस बैठक में कोविड मामलों के प्रबंधन के साथ, गैर कोविड स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने का भी आह्वान किया और कहा कि राज्यवार परिदृश्यों और उनके द्वारा किए जा रहे सर्वोत्तम प्रयासों तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाई जानी चाहिए। पीएमओ के मुताबिक, उन्होंने कहा कि कोविड-उपयुक्त व्यवहार केंद्रित जन आंदोलन की निरंतरता महामारी के खिलाफ हमारी लड़ाई में महत्वपूर्ण है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोविड-19 के नये स्वरूप ओमीक्रोन से संक्रमण के 552 नए मामले सामने आने के बाद रविवार को देश में इससे संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 3,623 हो गई है। मंत्रालय के सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,59,632 नए मामले सामने आए, जो पिछले 224 दिन में सामने आए सर्वाधिक दैनिक मामले हैं। देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 5,90,611 हो गई है, जो करीब 197 दिन में सर्वाधिक है। देश में पिछले 24 घंटे में 327 लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,83,790 हो गई है। ओमीक्रोन के 3,623 मामलों में से 1,409 लोग या तो देश से बाहर चले गए हैं या स्वस्थ हो गए हैं। महाराष्ट्र में ओमीक्रोन के सर्वाधिक 1,009 मामले सामने आए। इसके बाद दिल्ली में 513, कर्नाटक में 441, राजस्थान में 373, केरल में 333 और गुजरात में 204 मामले सामने आए। देश में इससे पहले पिछले साल 29 मई को संक्रमण के 1,65,553 मामले सामने आए थे।