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Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Monday, December 28, 2020

वीडियो: नगर निगम की बैठक में पार्षदों ने एक-दूसरे पर जूते उछाले, नेता विपक्ष सस्पेंड

नई दिल्लीपूर्वी दिल्ली नगर निगम में सोमवार को पार्षदों के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। आपस में झगड़ते पार्षदों ने एक-दूसरे पर जूते चप्पल उछाले। (आप) ने आरोप लगाया है कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सदन में भाजपा के निगम पार्षदों ने उनके निगम पार्षदों पर जूते-चप्पल से वार किया। बाद में बीजेपी मेयर ने आप पार्षद एवं नेता विपक्ष मनोज त्यागी पार्षद मोहिनी जीनवाल एवं स्टैंडिंग कमेटी की मेंबर गीता रावत को 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। वहीं, बीजेपी ने आप के पार्षदों पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। आप नेता दुर्गेश पाठक ने कहा, ‘दिल्ली के राजनीतिक इतिहास में इससे शर्मनाक दिन और इससे शर्मनाक घटना आज तक कोई नहीं हुई होगी। यदि इस प्रकार की बदतमीजी और अभद्र घटनाओं से भाजपा को लगता है कि वह आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों को डरा देगी, तो यह भारतीय जनता पार्टी की भूल है।’ पाठक ने कहा कि उत्तरी नगर निगम में भाजपा के शासन में ढाई हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, और आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठा रही है। जब तक इसकी सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए जाते, आम आदमी पार्टी इसी प्रकार से इस मुद्दे को उठाती रहेगी। निगम में भी इन्ही आरोपों को लेकर झड़प हुई। सोमवार को पूर्वी निगम की बैठक में नेता सदन प्रवेश शर्मा ने शोक प्रस्ताव पढ़ना शुरू किया तो विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्षी दल किसान बिल के पक्ष में बोल रहे थे। मेयर निर्मल जैन ने विपक्षी दल को काफी समझाया कि संयम बनाए रखें क्योंकि शोक प्रस्ताव एक निगम पार्षद के परिवार के सदस्य के निधन के लिए रखा गया था। पाठक ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने इस मामले में जांच की आवाज उठाई तो बीजेपी मेयर ने आम आदमी पार्टी के पार्षद एवं नेता विपक्ष मनोज त्यागी पार्षद मोहिनी जीनवाल एवं स्टैंडिंग कमेटी की मेंबर गीता रावत को 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। आप नेता पाठक ने कहा, ‘मैं बीजेपी को बता देना चाहता हूं कि आम आदमी पार्टी आंदोलन से निकली हुई पार्टी है। हमारी पार्टी के लोग किसी भी कीमत पर डरने वाले नहीं हैं। हमारे कार्यकर्ता बीजेपी के भ्रष्टाचार को दिल्ली की जनता के सामने उजागर करती रहेगी।’

अन्ना हजारे किसानों के मुद्दों को लेकर जनवरी में दिल्ली में शुरू करेंगे आंदोलन

पुणे सामाजिक कार्यकर्ता ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने किसानों के मुद्दों से संबंधित उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो वह जनवरी में दिल्ली में आंदोलन शुरू करेंगे। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित रालेगन सिद्धि गांव में जारी बयान में अन्ना ने कहा कि उन्होंने अगले महीने दिल्ली में अपना विरोध-प्रदर्शन ‘फिर से शुरू’ करने का निर्णय लिया है और इसके बारे में सरकार को भी सूचित कर दिया है। हालांकि, आंदोलन की तारीख को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। अन्ना हजारे ने कहा कि वह किसानों के लिए पिछले तीन साल से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार ने इन मुद्दों के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा, ‘किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर मैं पहली बार 21 मार्च, 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान में भूख हड़ताल पर बैठा था।’ पढ़ें, हजारे ने कहा, ‘सातवें दिन, तत्कालीन कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुझसे मिलने आए। उस समय उन्होंने मांगों को स्वीकार करते हुए लिखित आश्वासन दिया, लेकिन वे कभी पूरे नहीं हुए। मैं फिर से 30 जनवरी, 2019 को रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल पर बैठा। उस समय भी केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे और फडणवीस ने लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन मांगें कभी पूरी नहीं हुईं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने एक बार फिर से वह विरोध प्रदर्शन जनवरी में दिल्ली में फिर से शुरू करने का फैसला किया है, जो पिछले तीन साल से चल रहा है तथा इस संबंध में एक पत्र केंद्र को भेज दिया है। ठोस निर्णय लें या मैं अपने फैसले पर (विरोध को फिर से शुरू करने के लिए) दृढ़ हूं।’ 83 साल के हजारे ने इससे पहले रविवार को कहा था कि सरकार केवल खोखले वादे करती है, इसलिए उस पर अब कोई विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने एक महीने का समय मांगा है और उन्हें जनवरी अंत तक का समय दिया है। अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं, तो वह फिर भूख हड़ताल करेंगे। अन्ना हजारे ने 14 दिसंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि एम. एस. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसाओं को लागू करने और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को स्वायत्तता प्रदान करने संबंधी उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल करेंगे। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे़ ने हाल ही में हजारे से मुलाकात भी की थी और उन्हें केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के बारे में अवगत कराया था। हजारे ने कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आठ दिसंबर को किसान संगठनों के भारत बंद के समर्थन में उपवास रखा था।

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