माकपा पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'देश और लोगों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण मसलों पर अपने विचार रखने लिए सांसद हमेशा विरोध प्रदर्शन का सहारा लेते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। हाई कोर्ट ने मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंतिम समय में कोई व्यक्ति झूठ नहीं बोलता इसलिए मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर दोषसिद्धि सही है।