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Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.

Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Monday, June 14, 2021

McConnell suggests he would block a Biden nominee for the Supreme Court in 2024.


U.S. New York TimesBy BY CARL HULSE Via NYT To WORLD NEWS

Vatican Warns U.S. Bishops: Don’t Deny Biden Communion Over Abortion


World New York TimesBy BY JASON HOROWITZ Via NYT To WORLD NEWS

WORLD NEWS: Delta COVID-19 variant doubles risk of hospitalization compared to Alpha strain, Scottish study finds


"Delta COVID-19 variant doubles risk of hospitalization compared to Alpha strain, Scottish study finds A study out of Scotland has found the Delta COVID-19 variant carries double the risk of hospitalization compared to the Alpha strain, particularly in patients with five or more comorbidities. Health" Via FOX NEWS To WORLD NEWS

WORLD NEWS: UK extends COVID-19 restrictions as Delta variant spreads


"UK extends COVID-19 restrictions as Delta variant spreads The U.K. will face another four weeks of COVID-19-related restrictions, Prime Minister Boris Johnson announced Monday amid concerns of rapid spread of a highly transmissible Delta variant. Health" Via FOX NEWS To WORLD NEWS

WORLD NEWS: UK to face ‘substantial third wave’ of coronavirus as Delta variant spreads, expert says


"UK to face ‘substantial third wave’ of coronavirus as Delta variant spreads, expert says A top expert with the U.K.’s Scientific Advisory Group for Emergencies (SAGE) on Sunday warned the region is approaching a third wave of COVID-19 infections as a highly transmissible variant first detected in India continues to proliferate. Health" Via FOX NEWS To WORLD NEWS

वे सच्चाई नहीं जानते, रामभक्त भरोसा न करें.... चंपत राय ने बताया मंदिर वाली जमीन का पूरा गणित

अयोध्या अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के जमीन की खरीद में घोटाले के आरोपों पर हंगामा मच गया है। समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सभी इसकी जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट इन दावों को गलत और राजनीति से प्रेरित बता रहा है। चंपत राय ने राम भक्तों से साफ कहा है वे किसी भी बात पर विश्वास न करें। चंपत राय ने कहा है कि आरोप लगाने से पहले तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं की, इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। समस्त श्री राम भक्तों से निवेदन है कि वे ऐसे किसी दुष्प्रचार में विश्वास न करें। चंपत राय ने सोमवार को एक के बाद एक कई सिलसिलेवार ट्वीट किए है जिनमें उन्होंने आरोपों पर जवाब देते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्र्स्ट की खरीदी जमीन पर विवाद पर सफाई दी है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने ट्वीट कर कहा है राम मन्दिर के पूर्व व पश्चिम भाग में निर्माणाधीन परकोटा व रिटेनिंग वाल की सीमा में आने वाले महत्वपूर्ण मन्दिरों/स्थानों को परस्पर सहमति से क्रय किया जा रहा है। '1,423 रुपए प्रति वर्ग फीट तय हुई जमीन की कीमत' चम्पत राय ने ट्वीट कर कहा कि खोजबीन करने पर भूखण्ड हमारे उपयोग हेतु अनुकूल पाये जाने पर सम्बन्धित व्यक्तियों से सम्पर्क किया गया। भूमि का जो मूल्य मांगा गया, उसकी तुलना वर्तमान बाजार मूल्य से की। अन्तिम देय राशि लगभग 1,423/-रू0 प्रति वर्गफीट तय हुई जो निकट के क्षेत्र के वर्तमान बाजार मूल्य से बहुत कम है। 8 मार्च 2021 को कराया गया था बैनामा चंपत राय ने कहा कि जिस भूखण्ड पर विवाद कर आरोप लगाए जा रहे हैं,जिस जमीन की चर्चा हो रही है वह रेलवे स्टेशन के पास प्रमुख स्थान है। ट्र्स्ट ने जितनी भी जमीन खरीदी है वह खुले बाजार से काफी कम कीमत पर है। जमीन खरीदने के लिए वर्तमान विक्रेतागणों से वर्षों पूर्व जिस मूल्य पर एग्रीमेंट हुआ था उस जमीन को उन्होंने 18 मार्च 2021 को बैनामा कराया। जमीन की कीमत पर सहमति के बाद हुआ एग्रीमेंट- चंपत राय राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने ट्वीट कर कहा कि जमीन के मूल्य पर सहमति हो जाने के पश्चात् सम्बन्धित व्यक्तियों को अपने पूर्व के अनुबन्धों को पूर्ण करना आवश्यक था, तभी सम्बन्धित भूमि तीर्थ क्षेत्र को प्राप्त हो सकती थी। 'सभी भुगतान बैंक से सीधे खाते में ही किये जायेंगे' ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने कहा है कि तीर्थ क्षेत्र का प्रथम दिवस से ही निर्णय रहा है कि सभी भुगतान बैंक से सीधे खाते में ही किये जायेंगे, सम्बन्धित भूमि की क्रय प्रक्रिया में भी इसी निर्णय का पालन हुआ है। यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि सरकार द्वारा लगाये गये सभी कर आदि का भुगतान हो जाये। 'बैनामा होने के बाद एग्रीमेंट को कराया गया रजिस्टर्ड' चंपत राय ने ट्वीट कर बताया कि तीर्थ क्षेत्र के साथ अनुबन्ध करने वाले व्यक्तियों के पक्ष में भूमि का बैनामा होते ही तीर्थ क्षेत्र ने अपने पक्ष में पूर्ण तत्परता एवं पारदर्शिता के साथ अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया व पंजीकृत कराया। तेजी से चल रहा राम मंदिर का निर्माण कार्य-चंपत राय चंपत राय ने कहा कि श्री राम जन्म-भूमि तीर्थ क्षेत्र’ श्री राम जन्म-भूमि मन्दिर को वास्तु शास्त्र के अनुसार भव्य स्वरूप प्रदान कराने, शेष परिसर को सभी प्रकार से सुरक्षित तथा दर्शनार्थियों के लिए सुविधापूर्ण बनाने के लिए कार्य कर रहा है। दुष्प्रचार में विश्वास न करें राम भक्त- चंपत राय चंपत राय ने अपने आखिर ट्वीट में साफ किया कि आरोप की भाषा में वक्तव्य देने वाले व्यक्तियों ने आरोप लगाने से पहले तीर्थ क्षेत्र के किसी भी पदाधिकारी से तथ्यों की जानकारी नहीं की, इससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। समस्त श्री राम भक्तों से निवेदन है कि वे ऐसे किसी दुष्प्रचार में विश्वास न करें। कैसे हुई जमीन की खरीद-फरोख्त? जमीन की खरीद-फरोख्त मामले से जुड़े एक शख्स के अनुसार, अयोध्या के बाग विलैसी में स्थित 180 बिस्वा (12,080 वर्ग मीटर) जमीन हरीश पाठक और कुसुम पाठक की थी। इसे उन्होंने सुल्तान अंसारी, रवि मोहन तिवारी, इच्छा राम, मनीष कुमार, रवींद्र कुमार, बलराम यादव और अन्य तीन के नाम 2019 में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया था। इस जमीन का सौदा 26.50 करोड़ रुपये में तय हुआ। इसकी सरकारी मालियत करीब 11 करोड़ रुपये आंकी गई थी। 2.80 करोड़ रुपये हरीश पाठक और कुसुम पाठक के खाते में ट्रांसफर कर 80 बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। बाकी 100 बिस्वा जमीन एग्रीमेंट धारकों ने अपनी सहमति से दो लोगों के नाम लिख दिया, जिनसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 18.50 करोड़ में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवा लिया है।

चिराग को बड़ा झटका, लोकसभा अध्यक्ष ने पशुपति को माना LJP संसदीय दल का नेता

पटना लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में सोमवार को बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला। राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को छोड़कर पार्टी के बचे पांच सांसदों ने पशुपति कुमार पारस को अपना नेता मान लिया है। इसके लिए दिन में लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला को एक चिट्ठी सौंपी गई थी, जिसे देर शाम मंजूर कर लिया गया है। अब आधिकारिक तौर पर रामविलास पासवान के छोटे भाई यानी चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस लोकसभा में लोजपा के संसदीय दल के नेता होंगे। लोजपा के छह में से पांच सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर चिराग पासवान की जगह पारस को अपना नेता नियुक्त करने का लिखित अनुरोध किया था। लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को एक अधिसूचना में पार्टियों के फ्लोर नेताओं की एक संशोधित सूची जारी की, जिसमें पारस को लोक जनशक्ति पार्टी के नेता के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। लोजपा को टूटने से बचाया: पशुपति पारस पशुपति कुमार पारस ने आज सीएम नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए उन्हें एक अच्छा नेता और ‘विकास पुरुष’ बताया था। हाजीपुर से लोजपा सांसद पारस ने कहा, "मैंने पार्टी को तोड़ा नहीं, बल्कि बचाया है।" उन्होंने कहा कि लोजपा के 99 प्रतिशत कार्यकर्ता पासवान के नेतृत्व में बिहार 2020 विधानसभा चुनाव में जदयू के खिलाफ पार्टी के लड़ने और खराब प्रदर्शन से नाखुश हैं। उन्होंने कहा कि लोजपा टूट के कगार पर थी, जिसे उन्होंने बचाया है। पारस ने कहा कि उनका गुट केंद्र में एनडीए सरकार का हिस्सा बना रहेगा और पासवान भी संगठन का हिस्सा बने रह सकते हैं। चाचा और भाई ने नहीं की चिराग से मुलाकात लोजपा में चल रही खींचतान के बीच चिराग पासवान दिल्ली स्थित अपने चाचा के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। पासवान के रिश्ते के भाई और सांसद प्रिंस राज भी इसी आवास में रहते हैं। बीते कुछ समय से पासवान की तबीयत ठीक नहीं चल रही, उन्होंने 20 मिनट से ज्यादा समय तक अपनी गाड़ी में ही इंतजार किया। जिसके बाद वह घर के अंदर जा पाए और एक घंटे से भी ज्यादा समय तक घर के अंदर रहने के बाद वहां से चले गए। इस दौरान चिराग पासवान ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों से कोई बात नहीं की। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों असंतुष्ट सांसदों में से उनसे किसी ने मुलाकात नहीं की। एक घरेलू सहायक ने बताया कि चिराग पासवन जब आए तब दोनों सांसद घर पर मौजूद नहीं थे। 'जो जैसा बोएगा वैसा ही काटेगा'.. लोजपा की टूट पर जेडीयू लोक जनशक्ति पार्टी में फूट को लेकर जनता दल यूनाइटेड ने चिराग पासवान पर निशाना साधा है। पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष आरसीपी सिंह ने कहा कि जो जैसा बोएगा वैसा ही काटेगा। उन्होंने कहा कि पुरानी कहावत है कि जो जैसा बोता है वैसा ही पाता है। उन्होंने चिराग पासवान पर तंज कसते हुए कहा कि बिना मेहनत के पद मिलना आसान होता है, लेकिन उसे पचाना सबके लिए आसान नहीं होता है। पार्टी में बिल्‍कुल अकेले रह गए चिराग पशुपति पारस को संसदीय दल का नया नेता चुन लिया गया है। अब चिराग पासवान बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं। बागी सांसदों ने उन्‍हें राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष मानने से भी इनकार कर दिया है। जिन पांच सांसदों ने चिराग से अलग होने का फैसला किया है, उनमें पशुपति पारस पासवान (चाचा), प्रिंस राज (चचेरे भाई), चंदन सिंह, वीणा देवी, और महबूब अली केशर शामिल हैं। अब चिराग पार्टी में बिल्‍कुल अकेले रह गए हैं।