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रेलवे ने होली के लिए चलाई ये स्पेशल ट्रेनें, कहां से, कब चलेंगी और कहां रुकेंगी, देखें सबकुछ
नई दिल्लीभारतीय रेलवे (Indian Railways) ने होली को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए होली स्पेशल ट्रेन चला रहा है। ये ट्रेनें नई दिल्ली, हजरत निजामु्द्दीन, आनंद विहार टर्मिनल से संचालित होंगी। इसके अलावा रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू की है। इनमें दिल्ली से बिहार, चंडीगढ़, चेन्नई सेंट्रल, मदुरै, माता वैष्णो देवी कट़़ड़ा, बीकानेर, सियालदह जाने वाली ट्रेनें शामिल है। होली में बिहार जाने वाले लोगों के लिए रेलवे आनंद विहार से जयनगर और सहरसा के लिए भी स्पेशल ट्रेन चला रहा है। यहां देखें ट्रेनों की पूरी डिटेल्ट...होली स्पेशल ट्रेनें नई दिल्ली, हजरत निजामु्द्दीन, आनंद विहार टर्मिनल से संचालित होंगी। इसके अलावा रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू की है। इसके अलावा अन्य स्पेशल ट्रेनों का संचालन अप्रैल से शुरू होगा।

नई दिल्ली
भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने होली को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए होली स्पेशल ट्रेन चला रहा है। ये ट्रेनें नई दिल्ली, हजरत निजामु्द्दीन, आनंद विहार टर्मिनल से संचालित होंगी। इसके अलावा रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अन्य स्पेशल ट्रेनें भी शुरू की है। इनमें दिल्ली से बिहार, चंडीगढ़, चेन्नई सेंट्रल, मदुरै, माता वैष्णो देवी कट़़ड़ा, बीकानेर, सियालदह जाने वाली ट्रेनें शामिल है। होली में बिहार जाने वाले लोगों के लिए रेलवे आनंद विहार से जयनगर और सहरसा के लिए भी स्पेशल ट्रेन चला रहा है। यहां देखें ट्रेनों की पूरी डिटेल्ट...
नई दिल्ली से भागलपुर के लिए दो दिन चलेगी

नई दिल्ली से भागलपुर के लिए आनंद विहार टर्मिनल से ट्रेन 27 मार्च व 28 मार्च को रवाना होगी। यह ट्रेन भागलपुर से 28, 29 और 30 मार्च को वापस लौटेगी।
नई दिल्ली-भागलपुर स्पेशल सुपरफास्ट ट्रेन

रेलवे 5 अप्रैल से नई दिल्ली से भागलपुर के बीच स्पेशल सुपरफास्ट ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन चलेगी। ट्रेन दोपहर 12.35 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी।
सियालदह से बीकानेर दुरंतो स्पेशल

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच यहां के लोगों के लिए भी रेलवे ने दुरंतो का तोहफा दिया है। रेलवे सियालद से बीकानेर के बीच सप्ताह में 4 दिन दुरंतो ट्रेन का संचालन करेगा।
पटना, बरौनी कटिहार के लोगों को फायदा

होली में पटना, बरौनी, कटिहार, पूर्णिया, अररिया जाने वाले लोग भी आनंद विहार से जोगबनी के बीच चलने वाली ट्रेन पकड़ सकेंगे। यह ट्रेन रात को 10.55 बजे रवाना होगी।
लखनऊ, गोरखपुर जाने वाले के लिए भी विकल्प

रेलवे ने आनंद विहार से सीतामढ़ी के बीच भी होली स्पेशल ट्रेन चला रही है। इस ट्रेन से यूपी में लखनऊ, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर जाने वाले लोगों को भी विकल्प मिलेगा।
माता के भक्तों के लिए तोहफा

रेलवे ने माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को सुपरफास्ट एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का तोहफा दिया है। यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन से प्रतिदिन रात 8.50 बजे कटड़ा के लिए रवाना होगी।
दिल्ली से सहरसा के बीच चलेगी ट्रेन

होली पर बिहार जाने वाले लोगों के लिए दिल्ली-सहरसा के बीच ट्रेन की सुविधा मिलेगी। ट्रेन में स्लीपर के साथ एसी 2 और एसी3 की भी सुविधा है।
होली में जयनगर के लिए भी ट्रेन

रेलवे ने त्योहार में बिहार जाने लोगों की संख्या को देखते हुए आनंद विहार टर्मिनल से जयविहार के बीच भी ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन भी 27 मार्च और 28 मार्च को आनंद विहार से रवाना होगी।
सराय रोहिल्ला से जम्मू के लिए दुरंतो

रेलवे दिल्ली के सराय रोहिल्ला स्टेशन से जम्मू तवी के लिए दुरंतो ट्रेन का संचालन शुरू कर रहा है। यह ट्रेन 11 अप्रैल से प्रत्येक मंगलवार, शुक्रवार और शनिवार को सराय रोहिल्ला स्टेशन से रवाना होगी।
नई दिल्ली से राजस्थान के दौराई के लिए शताब्दी ट्रेन

रेलवे ने नई दिल्ली से राजस्थान के दौराई के लिए रोजाना शताब्दी ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन 10 अप्रैल से शुरू होगी। ट्रेन रेवाड़ी, अलवर, जयपुर और अजमेर होते हुए दौराई पहुंचेगी।
नई दिल्ली-अमृतसर के बीच वीकली ट्रेन

रेलवे 15 अप्रैल से नई दिल्ली से अमृतसर के बीच वीकली ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन अगले आदेश तक चलती रहेगी। ट्रेन नई दिल्ली से सुबह 7.20 बजे रवाना होगी।
नई दिल्ली अमृतसर के लिए रोजाना ट्रेन

रेलवे ने वीकली ट्रेन के अलावा नई दिल्ली से अमृतसर के बीच शताब्दी एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन डेली नई दिल्ली से शाम 4.30 बजे रवाना होगी।
चेन्नई सेंट्रल से हजरत निजामुद्दीन के लिए गरीब रथ

रेलवे 10 अप्रैल से चेन्नई सेंट्रल से हजरत निजामुद्दीन के बीच गरीब रथ स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है। यह ट्रेन चेन्नई से प्रत्येक शनिवार को सुबह 6.30 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 10.30 बजे निजामुद्दीन पहुंचेगी।
मदुरै से भी निजामुद्दीन के लिए सुपरफास्ट ट्रेन

रेलवे ने मदुरै से निजामुद्दीन के लिए सुपरफास्ट ट्रेन संचालित करने का फैसला लिया है। यह ट्रेन 20 अप्रैल से प्रत्येक रविवार और मंगलवार को चलेगी।
कोच्चुवेली से ऋषिकेष के लिए ट्रेन

रेलवे ने अप्रैल से कोच्चुवेली से ऋषिकेश के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन हजरत निजामुद्दीन, रुड़की, हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश पहुंचेगी।
चंडीगढ़ से नई दिल्ली के लिए शताब्दी ट्रेन

रेलवे ने नई दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए शताब्दी स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन चंडीगढ़ से दोपहर 12.15 बजे चलकर दोपहर 3.30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा- टाटा का यह फैसला था जिंदगी की सबसे बड़ी गलती?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रतन टाटा आज निश्चित ही चैन की सांस ले रहे होंगे। और, मैं साइरस मिस्त्री के गुणों, उनकी क्षमता, कुशाग्रता और नम्रता से प्रभावित हूं... 23 नवंबर 2011 को कहे अपने इन शब्दों के लिए उन्हें गहरा अफसोस भी जरूर होगा। यह वह तारीख थी जब लंबी तलाश के बाद रिटायरमेंट ले रहे टाटा को वारिस मिला था। इसके लिए साइरस टाटा संस में सबसे अधिक 18 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले शापूरजी पलोनजी के 43 साल के बेटे साइरस मिस्त्री को चुना था।लेकिन टाटा के लिए यह फैसला कैसे जिंदगी का सबसे बड़ा दुस्वप्न बना, यह सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी भी बताती है, जिसने इसे टाटा की जिंदगी की सबसे बड़ी गलती करार दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने शुक्रवार को साइरस मिस्त्री को टाटा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद से हटाए जाने को सही करार दिया था।Tata Sons vs Cyrus Mistry Latest News: टाटा ग्रुप के हक में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि साइरस मिस्त्री को कार्यकारी चेयरमैन बनाना रतन टाटा की जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रतन टाटा आज निश्चित ही चैन की सांस ले रहे होंगे। और, मैं साइरस मिस्त्री के गुणों, उनकी क्षमता, कुशाग्रता और नम्रता से प्रभावित हूं... 23 नवंबर 2011 को कहे अपने इन शब्दों के लिए उन्हें गहरा अफसोस भी जरूर होगा। यह वह तारीख थी जब लंबी तलाश के बाद रिटायरमेंट ले रहे टाटा को वारिस मिला था। इसके लिए साइरस टाटा संस में सबसे अधिक 18 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले शापूरजी पलोनजी के 43 साल के बेटे साइरस मिस्त्री को चुना था।
लेकिन टाटा के लिए यह फैसला कैसे जिंदगी का सबसे बड़ा दुस्वप्न बना, यह सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी भी बताती है, जिसने इसे टाटा की जिंदगी की सबसे बड़ी गलती करार दिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने शुक्रवार को साइरस मिस्त्री को टाटा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद से हटाए जाने को सही करार दिया था।
'साइरस को चेयरमैन बनाना टाटा की जिंदगी की सबसे बड़ी गलती'

सुप्रीम कोर्ट कहा कि एसपी समूह की कंपनियों का रतन टाटा को शैडो डायरेक्टर कहना ठीक नहीं। कोर्ट ने कहा कि साइरस मिस्त्री उस कंपनी के निदेशक मंडल के चेयरमैन थे, जिसने टाटा को 100 अरब डॉलर के टाटा समूह का मानद चेयरमैन नियुक्त किया था। चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना तथा न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की बेंच ने मिस्त्री की टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन के रूप में नियुक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि ‘जिस व्यक्ति को उसी दरवाजे से प्रवेश मिला है, बाहर निकलने पर वह उसकी आलोचना नहीं कर सकता।’’ पीठ ने कहा, ‘‘जिस बोर्ड के चेयरमैन साइरस मिस्त्री थे, उसी ने रतन टाटा को मानद चेयरमैन नियुक्त कर उनके समर्थन और मार्गदर्शन की इच्छा जताई थी, ऐसे में शिकायतकर्ता कंपनियों के लिए टाटा को छाया निदेशक कहना उचित नहीं है।’
उत्तराधिकारी ही लगा रहा ऐसे आरोप... विडंबना है: SC

कोर्ट ने कहा कि यह विडंबना है कि एक ऐसा व्यक्ति जो टाटा संस की कुल चुकता पूंजी के केवल 18.37 प्रतिशत के शेयरधारकों का प्रतिनिधित्व करता हो, फिर भी कंपनी के बोर्ड ने उसे कंपनी के औद्योगिक साम्राज्य के उत्तराधिकारी की मान्यता दे दी है, वह व्यक्ति उसी बोर्ड पर ‘अल्पांश शेयरधारकों के हितों का दमन और उनके साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा रहा है।’
फैसले पर रतन टाटा ने क्या कहा?

न्यायालय ने शुक्रवार को एनसीएलएटी के 18 दिसम्बर 2019 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें सायरस मिस्त्री को टाटा समूह का दोबारा कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का आदेश दिया गया था। टाटा समूह की कंपनियों की होल्डिंग फर्म टाटा संस ने शुक्रवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से उसका पक्ष सही साबित हुआ है। रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री के साथ विवाद के मामले में शुक्रवार को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत का यह फैसला इस बात को साबित करता है कि टाटा संस अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर हमेशा अडिग रहा है।
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— Ratan N. Tata (@RNTata2000) 1616742606000
'टाटा संस अपने सिद्धांतों पर अडिग'
रतन टाटा ने ट्वीट कर कहा कि मेरे ग्रुप की ईमानदारी और नैतिकता को लेकर लगातार हमले किए गए। यह फैसला इस बात को साबित करता है कि टाटा संस अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर हमेशा अडिग रहा है। ट्वीट में रतन टाटा ने यह भी लिखा कि ये हमारी न्यायपालिका की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रदर्शित करता है।
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