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Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Friday, March 12, 2021

पैंगोंग झील पर पीछे हटीं भारती-चीन की सेनाएं, अब बचे हुए मुद्दे हल करने पर चर्चा

नई दिल्ली भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर बचे हुए मुद्दों के समाधान को लेकर शुक्रवार को गहन चर्चा की और कहा कि पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे से सैनिकों को पीछे हटाने के कदम ने बाकी बचे मुद्दों के जल्द समाधान की दिशा में काम करने का अच्छा आधार प्रदान किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों ने डिजिटल बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अंतरिम रूप से उन्हें जमीनी स्तर पर स्थिरता बनाए रखनी चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना से बचना चाहिए। वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में 'कड़ी मेहनत' से बनी शांति को संयुक्त रूप से कायम रखने पर सहमत हुए। दोनों बयानों में कहा गया है कि दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य माध्यम से संवाद और गहन बातचीत को कायम रखने पर सहमत हुए और 11 वें दौर की सैन्य वार्ता जल्द से जल्द आयोजित करने पर सहमति जताई। जारी रहे वार्ता विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों को गतिरोध वाले सभी स्थानों से जल्द से जल्द सैनिकों की पूर्ण वापसी के लिए परस्पर स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने के लिए वार्ता जारी रखनी चाहिए। इसमें कहा गया है, 'इससे दोनों पक्षों को क्षेत्र में व्यापक रूप से सैनिकों को पीछे हटाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाली करने में मदद मिलेगी।' भारत हॉट स्प्रिंग, गोगरा और देपसांग में तेजी से सैनिकों की वापसी पर जोर दे रहा है। यह वार्ता भारत-चीन सीमा मामलों पर विचार-विमर्श और समन्वय संबंधी कार्यकारी तंत्र के तहत हुई। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि पिछले वर्ष सितंबर में मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बनी सहमति और पिछले महीने टेलीफोन पर हुई चर्चा के अनुरूप दोनों पक्षों को काम करना जारी रखना चाहिए। गहराई से हुई चर्चा बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति की समीक्षा की और इस सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शेष मुद्दों के समाधान को लेकर गहराई से चर्चा की। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि पैंगोंग झील के उत्तरी, दक्षिणी किनारे से सैनिकों को पीछे हटाने से शेष मुद्दों के जल्द समाधान की दिशा में कार्य करने के लिए दोनों पक्षों के लिये अच्छा आधार प्रदान किया है। चीनी विदेश मंत्रालय और दिल्ली में चीनी दूतावास द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अंग्रेजी संस्करण में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने चीन-भारत सीमा क्षेत्रों में अन्य मुद्दों के समाधान को बढ़ावा देने के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया। भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (पूर्वी एशिया) नवीन श्रीवास्तव ने किया, वहीं चीनी पक्ष का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री विभाग के महानिदेशक हांग लियांग ने किया।

कुरान की 26 आयतें हटाने SC पहुंचे रिजवी, मुस्लिम भड़के... सिर काटने पर रखा इनाम

लखनऊ/सुलतानपुर शिया वक्‍फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi Pil On Quran) ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने से संबंधित एक जनहित याचिका दाखिल की है। रिजवी ने इसके साथ ही कुछ आयतों को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली बताया है। उन्होंने कहा है कि इन आयतों को कुरान में बाद में शामिल किया गया है। रिजवी की इस याचिका के बाद मुस्लिम समुदाय में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शियाने हैदर-ए कर्रार वेलफेयर एसोसिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसनैन जाफरी डंपी ने वसीम रिजवी का सिर काटकर लाने वाले को 20 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। शुक्रवार को हसनैन जाफरी डंपी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि पैगंबर मोहम्मद का कलमा पढ़ने और शिया घर में पैदा होने के नाते मैं वसीम रिजवी के कृत्य की निंदा करता हूं। वसीम रिजवी के बायकॉट के लिए प्रदेश भर में कैंपेन चलाएगा। शिया समाज के जो लोग वसीम रिजवी को अपने घर कार्यक्रमों में बुलाएंगे, उन लोगों का भी बायकॉट किया जाएगा। 'रिजवी पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे सरकार' डंपी ने ये भी कहा कि मैं शासन-प्रशासन से मांग करता हूं कि ये समूचे मुस्लिम समुदाय की आस्था पर चोट है, इसलिए वसीम रिजवी के विरूद्ध तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्जकर उसे जेल भेजे, अन्यथा उन्माद बढ़ने की पूरी संभावना है। वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए वसीम रिजवी ने जो भ्रष्‍टाचार किया है, सरकार उसे उन मामलों में तत्काल गिरफ्तार करे। साथ ही वसीम रिजवी ने किसके कहने से ऐसा गैर कानूनी कृत्य किया है, उस व्यक्ति को भी बेनकाब किया जाए। कुरान से एक हर्फ भी नहीं हटाया जा सकता: मौलाना अब्‍बास इसी तरह, मौलाना खालिद रशीद ने उत्‍तर प्रदेश सरकार से रिजवी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मौलाना कल्बे जव्वाद का कहना है कि वसीम रिजवी यजीद का वंशज है। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुरान से एक हर्फ भी नहीं हटाया जा सकता है। मौलाना सैफ अब्बास ने कहा किसी पार्टी के लिए धर्म को बेचना गलत है। वहीं, मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि वसीम रिजवी जैसे लोग अपना दिमागी संतुलन खो चुके हैं।

थोड़ी डिग्निटी रखिए मैडम....TV डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता पर भड़के BJP सांसद तेजस्वी

नई दिल्ली एक टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या कांग्रेस प्रवक्ता पर भड़क गए। उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता से कहा कि थोड़ी गरिमा बनाकर रखिए मैडम। दरअसल, चेन्नै में इंडिया टुडे साउथ कॉन्क्लेव के दौरान बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के बीच बहस चल रही थी। कई मुद्दों को लेकर दोनों में तीखी तकरार भी देखने को मिली। इस दौरान आंकड़े के स्रोत को लेकर दोनों में इतनी तीखी बहस हुई कि बीजेपी सांसद को 'डिग्निटी रखिए मैडम' कहना पड़ा और ऐंकर को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। बहस के दौरान बीजेपी सांसद ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों की वजह से भारत में गरीबी खत्म हो रही है। इसके उलट कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की नीतियों की वजह से बड़ी तादाद में लोग गरीब हुए हैं। इसके बाद दोनों के बीच आंकड़े के स्रोत को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई। सूर्या ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि कांग्रेस प्रवक्ता किस गूगल से डेटा दे रही हैं। शायद वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी से। इस पर श्रीनेत ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी आईटी सेल से डेटा नहीं ली हैं। नोक-झोंक के दैरान बीजेपी सांसद ने कहा कि आप कुछ गरिमा बनाकर रखिए मैम। बहस को पटरी से नीचे उतरते देख इसी दौरान ऐंकर ने भी दखल दिया। राजद्रोह कानून के कथित दुरुपयोग और अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर भी दोनों नेता एक दूसरे की पार्टी पर दोष डालते रहे। ऐंकर ने पूछा कि क्या सरकार राजद्रोह के कानून का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर रही है और अभिव्यक्ति की आजादी को नुकसान पहुंचा रही है? इसके जवाब में तेजस्वी सूर्या ने कहा कि बिल्कुल नहीं। देश के कुछ हिस्सों में एसएचओ लेवल पर इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं लेकिन उसे सरकार की पॉलिसी नहीं कहा जा सकता। सरकार का रुख एकदम साफ है- हर तरह की असहमतियों को प्रोत्साहित करना। सरकार हर भारतीय नागरिक की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने को प्रतिबद्ध है। इस पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बीजेपी सांसद को घेरते हुए कहा कि लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, पुलिस साक्ष्य या गवाह नहीं पेश कर पाती लेकिन लोग 3 महीने तक जेल में रखे जा रहे हैं। यह किस तरह का शासन है? इस सवाल पर सूर्या ने कांग्रेसशासित महाराष्ट्र में पत्रकारों और कार्टूनिस्टों के कथित उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। जवाब में श्रीनेत ने यूपी के मिर्जापुर में मिड डे मील में बच्चों को नमक रोटी परोसने की खबर लिखने वाले पत्रकार पर राजद्रोह का केस लगाने का मुद्दा उठाया।

देश विरोधी गतिविधियों में शामिल बांग्लादेशी पिता-पुत्र गिरफ्तार, ATS ने दबोचा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला के मंडी थाना क्षेत्र से एटीएस की टीम ने शुक्रवार को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल दो बांग्लादेशी लोगों को गिरफ्तार किया है। उमर मोहम्मद उस्मानी व उसका बेटा तनवीर बंग्लादेश के कोक्स बाजार जिले के ईस्ट बोमानखिल के मूल निवासी हैं। यह दोनों सहारनपुर में अवैध तरीके से रहकर देश में हो रही गतिविधियों की जानकारी अन्य देशों से साझा करते थे। दोनों को एटीएस की टीम गिरफ्तार करके लखनऊ ला रही है। भागने की फिराक में थे पिता-पुत्र बता दें कि यह गिरफ्तार किए गए बाप-बेटे अपने साथियों के साथ भारत से भागने के फिराक में थे। इसी दौरान एटीएस को सूचना प्राप्त हुई की सहारनपुर में दो बांग्लादेशी सदस्य रह रहे हैं। जो भारत की गोपनीय जानकारियों को अन्य देशों से साझा कर रहे हैं। इसके बाद एटीएस की टीम ने सहारनपुर पहुंच कर थाना मंडी क्षेत्र से दोनो बांग्लादेशी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। एटीएस को दोनो के पास से दस्तावेज बरामद हुए हैं। साथ ही बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मिला है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दो सदस्य देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। बीते दिनों हुई थी गिरफ्तारी एटीएस ने बीते दिनों ही अलीगढ़ से रोहिंग्या हसन उर्फ फारुख व उन्नाव से उसके भाई शाहिद को गिरफ्तार किया था। दोनों यहां पहचान बदलकर रह रहे थे और सिंडीकेट के तहत रोहिंग्या को सूबे के कई जिलों में लाकर बसाने व काम दिलाने की गतिवधियों में लिप्त थे। एटीएस ने दोनों भाइयों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर छानबीन को आगे बढ़ाया था। इसी कड़ी में हाथ लगी सूचनाओं के बाद सहारनपुर से अब बांग्लादेशी पिता-पुत्र की गिरफ्तारी हुई है।

एक पायदान नीचे फिसला भारत, पांचवीं सबसे आकर्षक वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली Most Attractive Growing Economy: कारोबार में बढ़ोतरी के नजरिए से भारत एक स्थान नीचे फिसलकर अब दुनिया की पांचवीं सबसे आकर्षक अर्थव्यवस्था है। ब्रिटेन भारत को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) के वैश्विक सर्वे में अगले 12 माह के दौरान वृद्धि की संभावनाओं के मामले में अमेरिका को पहले और चीन को दूसरे नबंर पर रखा गया है। परामर्श सेवा कंपनी पीडब्ल्यूसी के 24वें वार्षिक वैश्विक सीईओ सर्वे में भारत सहित 100 देशों के 5,050 सीईओ को शामिल किया गया है। सर्वेक्षण के मुताबिक, ‘‘17 प्रतिशत सीईओ की पसंद के साथ जर्मनी ने तीसरे स्थान को बरकरार रखा है जबकि ब्रिटेन, ब्रेक्जिट के बाद 11 प्रतिशत अंक हासिल करने पर चौथे नंबर पर पहुंच गया। भारत इस मामले में आठ प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर फिसल गया। जापान सबसे बेहतर आर्थिक वृद्धि स्थल के तौर पर अपनी रैंकिंग में सुधार कर छठे स्थान पर पहुंच गया। उसने आस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ दिया।’’ दुनिया की प्रमुख कंपनियों के सीईओ अगले 12 महीने के दौरान अच्छी वृद्धि को लेकर जिस बाजार को पहला नंबर दे रहे हैं उसमें अमेरिका 35 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा है। वहीं चीन 28 प्रतिशत सीईओ की पसंद के साथ दूसरे स्थान पर रहा। पिछले साल 2020 में अमेरिका चीन से केवल एक प्रतिशत अंक ही आगे था। सर्वेक्षण में कहा गया है कि दुनियाभर में 76 प्रतिशत सीईओ यह मानते हैं कि 2021 में वैश्विक आर्थिक क्षेत्र में सुधार आयेगा। कोरोना वायरस महामारी फैलने के एक साल बाद यह रिकार्ड स्तर पर उम्मीद को दर्शाता है।

चीन की चालबाजी और नहीं! क्वाड समिट में उठा पूर्वी लद्दाख में ड्रैगन की हरकत का मुद्दा

नई दिल्ली पहले क्वाड शिखर सम्मेलन में पूर्वी लद्दाख सेक्टर में चीन की आक्रामकता पर भी चर्चा हुई। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक क्वाड नेताओं का इस मुद्दे पर रुख सहानुभूति वाला रहा। यह बात चीन को जरूर चुभने वाली है। वह पहले से ही क्वाड को लेकर चिढ़ा हुआ है। क्वाड समिट में पूर्वी लद्दाख के मुद्दे पर ऐसे वक्त में चर्चा हुई जब शुक्रवार को ही भारत और चीन के बीच एलएसी पर सैनिकों के पीछे हटने को लेकर कूटनीतिक स्तर की 21 वीं मीटिंग हुई। उसमें दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जाहिर की कि दोनों देशों को गतिरोध वाले सभी स्थानों से जल्द से जल्द सैनिकों की पूरी तरह वापसी के लिए आपसी स्वीकार्य हल पर पहुंचने के लिए बातचीत जारी रखनी चाहिए। क्वाड में जो 4 देश हैं उनमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहले क्वाड शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। इस वर्चुअल समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्वाड समूह के पहले शिखर सम्मेलन में कहा, ‘हम अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त व समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर अपनी प्रतिबद्धता के लिए एकजुट हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज हमारे एजेंडा में वैक्सीन, क्लाइमेट चेंज और इमर्जिंग टेक्नॉलजी जैसे सेक्टर शामिल हैं, जो ‘क्वाड’ को वैश्विक भलाई की ताकत बनाते हैं।’उन्होंने कहा, ‘मैं इस सकारात्मक दृष्टिकोण को भारत के वसुधैव कुटुंबकम के दर्शन के विस्तार के तौर पर देखता हूं, जो कि पूरी दुनिया को एक परिवार मानता है।’ वर्चुअल समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए ‘क्वाड’ महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम अपनी प्रतिबद्धताओं को जानते हैं ... हमारा क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कानून से संचालित है, हम सभी सार्वभौमिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी दबाव से मुक्त हैं लेकिन मैं हमारी संभावना के बारे में आशावादी हूं।’ बाइडन ने कहा, ‘क्वाड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र होने जा रहा है और मैं आने वाले वर्षों में आप सभी के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।’ बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, ‘आपको देख कर बहुत अच्छा लगा।’ जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और भारत की सदस्यता वाले क्वाड समूह के नेताओं की बैठक में कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित, सस्ते टीके निर्यात करने में भारत की निर्माण क्षमता बढ़ाने का मुद्दा अहम रहा।

George Floyd’s Family Settles Suit for $27 Million


U.S. New York TimesBy BY THE ASSOCIATED PRESS Via NYT To WORLD NEWS