Featured Post
Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.
Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS
Friday, April 1, 2022
मुसीबत में लोग पुलिस के पास जाने में भी हिचकते हैं, करप्शन से दागदार हुई है छवि: सीजेआई एनवी रमना
Kota News : IFS अधिकारी को थप्पड़ जड़ने वाले पूर्व MLA भवानी सिंह राजावत की पुलिस ने यूं बताई 'औकात'
कोटा : वसुंधरा सरकार में संसदीय सचिव रहे बीजेपी नेता और पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ( EX MLA Bhawani Singh Rajawat ) शुक्रवार को कोटा सेंट्रल जेल में बंद हो गए। बीजेपी नेता राजावत ने गुरुवार को कोटा वन मंडल के उपवन संरक्षक व आईएफएस रवि कुमार मीणा ( IFS Ravi Kumar Meena ) को थप्पड़ मारा था। कोटा शहर जिला पुलिस के नयापुरा थाना पुलिस ने उपवन संरक्षक की रिपोर्ट पर राजावत को आपराधिक मुकदमा दर्ज करके गुरुवार रात को गिरफ्तार किया था।
शुक्रवार को बीजेपी नेता राजावत को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। जहां उनकी जमानत की अर्जी खारिज हुई और कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा जेल में भेजने के आदेश जारी किए। कोर्ट के आदेश होने के बाद सुरक्षा घेरा बढ़ाते हुए कोटा पुलिस राजावत को सेंट्रल जेल कोटा ले जाने लगी तो राजावत ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने राजावत को मीडिया से दूर रखा।
धक्के मारकर पुलिस वाहन में बैठाया
इस बीच भवानी सिंह राजावत पुलिस अधिकारियों पर भड़क गए। पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। राजावत ने कहा उनके खिलाफ हुई कार्रवाई से सरकार के बौखलाहट सामने आ गई है। पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है। राजावत के बस इतना बोलते ही पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कोर्ट परिसर में धक्के मारकर पुलिस वाहन में बैठाकर कोटा सेंट्रल जेल पहुंचा दिया।
via WORLD NEWS
Thursday, March 31, 2022
Biden orders the largest release from the U.S. oil reserve since it was created.

'पीएम मोदी ने मनरेगा को बनाया पारदर्शी और उपयोगी' सोनिया गांधी के आरोपों पर बोले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
The African Artist-Writer Who Mapped New Worlds

आज ही के दिन हुई थी रिजर्व बैंक की स्थापना, जानिए एक अप्रैल की अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं
New Rule for UP Ministers: योगी सरकार में मंत्रियों पर अब 'लगाम', बनाए नए सख्त नियम
यूपी के मुख्यमंत्री का पद दोबारा संभालते ही योगी आदित्यनाथ बेहद एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने नवनिर्वाचित सभी मंत्रियों के लिए एक नई व्यवस्था बनाई है। फिलहाल सीएम योगी 100 दिन के एजेंडे पर काम कर रहे हैं।
सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की समीक्षा के लिए कहा गया और कार्यों का मास्टर प्लान तैयार करने को कहा गया है। लेकिन साथ ही मुख्यमंत्री योगी खुद सरकार की कार्यप्रणाली के ढीले 'पेंच' भी कसने में जुट गए हैं। इसमें पिछली सरकार में सामने आई कई खामियों को भी दुरस्त किया जा रहा है। आइए जानते हैं इस नई व्यवस्था के बारे में...
मंत्रियों को दिया टारगेट
यूपी सरकार के नव-निर्वाचित सभी मंत्रियों को सीएम योगी ने 100 दिन का टारगेट दिया है। 100 दिन के अंदर सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की समीक्षा करनी होगी। इस समीक्षा के आधार पर काम की योजना तैयार कर मास्टर प्लान बनाना होगा। कैबिनेट के समक्ष विभागीय प्रस्तुतियां संबंधित मंत्री द्वारा ही दी जाएंगी। मंत्रियों को अपनी रिपोर्ट में सीएम योगी को बताना होगा कि वे अगले 100 दिन में क्या करेंगे। विभाग में नया क्या होगा। साथ ही डिजिटलाइजेशन के काम को भी विभाग में आगे बढ़ाना है।
यूपी से बाहर जाने की जानकारी देनी होगी
योगी मंत्रिमंडल का कोई भी मंत्री अगर यूपी से बाहर जा रहा है तो उसकी जानकारी उसे सीएम और पार्टी दोनों को देनी होगी। मंत्रियों के बेवजह दौरों और दिल्ली में बेवजह बड़े नेताओं के चक्कर लगाने से रोकने के लिए सीएम ने यह निर्देश जारी किया है। अब यूपी सरकार का कोई भी मंत्री किसी भी काम से यूपी से बाहर जाता है तो उसे बताना होगा कि वो क्यों जा रहा है। दौरा सरकारी या पर्सनल कोई भी हो, जानकारी देना अनिवार्य है। बिना बताए मंत्री बाहर नही जा सकेंगे। सरकारी धन के दुरुपयोग और किसी भी तरह की कॉन्ट्रोवर्सी से बचने के लिए यह निर्देश दिया गया है।
फिजूलखर्ची पर लगानी होगी रोक
सीएम योगी ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। योगी सरकार के मंत्रियों के लिए राज्य का संपत्ति विभाग नए बंगले तैयार कर रहा है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि बंगलों में साज-सज्जा पर ज्यादा पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है। फर्नीचर को बदलने की आवश्यकता नहीं है। जिन मंत्रियों के पास पहले से ही आवास है, उन्हें नए बदलाव की जरूरत नहीं है। इतना ही नही मंत्रियों के लिए नई गाड़ियां नहीं खरीदी जाएंगी। बड़ी लग्जरी गाड़ियां और घर-दफ्तर में नई साज-सज्जा के साथ ही नए फर्नीचर की खरीदारी नहीं होगी। इससे फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी।
#UPMinistersNewRulefor #YogiGovernment #Yogi2.OGovernment
via WORLD NEWS