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Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.

Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Sunday, March 6, 2022

यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए खास फॉर्म, ऑपरेशन गंगा के तहत 15,920 नागरिकों को वापस लाया गया

नई दिल्ली: यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद शुरू किए गए निकासी अभियान () के तहत भारत 76 उड़ानों में अपने 15,920 से अधिक नागरिकों को वापस लाया है। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी। हंगरी में भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Hungary) ने इसका संकेत दिया कि उक्त देश से निकासी अभियान पूरा होने वाला है, क्योंकि इस अभियान के तहत अंतिम चरण की उड़ानों की शुरुआत की जा रही है। भारत अपने नागरिकों को रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और मोल्दोवा के रास्ते वापस ला रहा है। भारतीय नागरिक यूक्रेन की जमीनी सीमा बिंदुओं को पार करके इन देशों में पहुंचे हैं। पहली उड़ान 26 फरवरी को फंसे भारतीयों को बुखारेस्ट से लेकर वापस आई थी। रूस की ओर से सैन्य अभियान शुरू किये जाने के बाद यूक्रेन ने नागरिक विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था।अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 13 उड़ानों में करीब 2,500 भारतीयों को निकाला गया। उन्होंने कहा कि हंगरी, रोमानिया और पोलैंड से फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए अगले 24 घंटों में सात उड़ानें निर्धारित हैं। बुडापेस्ट से पांच उड़ानें होंगी, पोलैंड में रेज़ज़ो और रोमानिया में सुचेवा से एक-एक उड़ान संचालित की जाएगी। हंगरी में भारतीय दूतावास ने ट्विटर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा पोस्ट की, जिसमें भारतीय छात्रों से कहा गया है कि वे भारत लौटने के लिए निर्दिष्ट संपर्क बिंदुओं पर रिपोर्ट करें। हंगरी में स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, महत्वपूर्ण सूचना: भारतीय दूतावास ऑपरेशन गंगा के तहत अंतिम चरण की निकासी उड़ानों की आज शुरुआत कर रहा है। जो भी छात्र (दूतावास के अलावा) खुद से किये गए प्रबंध में रह रहे हैं, उन्हें बुडापेस्ट स्थित यूटी 90 रकोजी हंगरी सेंटर में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक पहुंचने का अनुरोध किया जाता है। वहीं, यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने उन सभी भारतीय नागरिकों से जो अभी भी संघर्षग्रस्त देश में फंसे हुए हैं, तत्काल एक ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए कहा। गूगल आवेदन पत्र में नाम, ईमेल, फोन नंबर, वर्तमान ठिकाना, पासपोर्ट का ब्योरा, लिंग और उम्र का विवरण देने को कहा गया है। आवेदन में दूतावास ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वर्तमान स्थिति बताने को भी कहा है। आवेदन में स्थलों की एक सूची दी गई है और उनमें से चयन का विकल्प दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन में जिन जगहों की सूची दी गई है वे इस प्रकार हैं- चेरकासी, चेर्निहिव, चेरनिवित्सी, निप्रोपेत्रोव्स्क, दोनेत्स्क, इवानो-फ्रांकिवस्क, खारकीव, खेर्सोन, खमेलनित्स्की, किरोवोग्राद, कीव, लुहांस्क, लवीव, मिकोलेव और ओडेसा। इसके अलावा पोलतावा, रिवने, सूमी, तेरनोपिल, विनित्स्या, वोलिन, जकरपत्या, जापोरोझ्या और झितोमीर को भी सूची में शामिल किया गया है।

They Weren’t Wanted at the Paralympics but Are Excelling Anyway


Sports New York TimesBy BY DAVID WALDSTEIN Via NYT To WORLD NEWS

आज का इतिहास: गावस्कर बने टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज, जानिए 7 मार्च की अन्य घटनाएं

नई दिल्ली: क्रिकेट जगत में ‘लिटिल मास्टर’ कहे जाने वाले सुनील गावस्कर ने 7 मार्च 1987 को ही टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने का कीर्तिमान हासिल किया था। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बने थे। हालांकि उनके बाद कई खिलाड़ियों ने रनों के इस शिखर को छुआ है। देश दुनिया के इतिहास में 7 मार्च की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:- 1911 : हिंदी के उल्लेखनीय लेखक और साहित्यकार हीरानंद सच्चिदानंद वात्स्यायन का जन्म। 1952 : वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज विवियन रिचर्डस का एंटीगुआ में जन्म। 1961 : गोविंद वल्लभ पंत का निधन। 1969 : इज़राइल में गोल्डा मीर देश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुनी गईं। लेवी एशकोल के निधन के बाद उन्हें प्रधानमंत्री बनाया गया। 1977 : पाकिस्तान में 1970 के बाद पहले आम चुनाव और 1947 में पाकिस्तान के अस्तित्व में आने के बाद पहली बार असैन्य शासन के तहत चुनाव कराए गए। 1987 : टीम इंडिया के प्रतिष्ठित पूर्व सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले बल्लेबाज बने। 1987 : अमेरिका के माइक टायसन ने 20 साल की उम्र में विश्व बॉक्सिंग संघ चैंपियनशिप बेल्ट हासिल की। उन्होंने जेम्स स्मिथ को 12 राउंड में हराकर सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। 2009 : नासा ने केप्लर दूरबीन लॉंच की, जो सूरज की परिक्रमा करता है और पृथ्वी जैसे करीब एक लाख सितारों की टोह लेता रहता है। केप्लर दूरबीन उस समय मानव जाति के इतिहास की सबसे ताकतवर दूरबीन मानी गई। 2010 : अमेरिका की फिल्म निर्देशक कैथरीन बिगलॉ सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का एकेडमी पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला बनीं। उन्हें यह पुरस्कार 2008 में आई उनकी फिल्म ‘द हर्ट लॉकर’ के लिए दिया गया। 2020 : देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले बढ़कर 34 हुए।

Saturday, March 5, 2022

मीडिया पर कई प्रकार से हो रहे हमले, पत्रकारों को इसकी रक्षा के लिए खड़ा होना चाहिए: न्यायमूर्ति लोकुर

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर (Former SC Judge Justice ) ने शनिवार को कहा कि देश में मीडिया पर कई प्रकार से हमला किया जा रहा है। प्रेस की स्वतंत्रता () संविधान की ओर से मिला एक मौलिक अधिकार है और पत्रकारों को इसकी रक्षा के लिए खड़ा होना चाहिए। पत्रकारिता के लिए आईपीआई-इंडिया पुरस्कार प्रदान करने के वास्ते आयोजित के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा कि पत्रकारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तार करने समेत कई घटनाओं से मीडियाकर्मियों पर हतोत्साहित करने वाला प्रभाव पड़ता है। जिसके चलते वे जरूरत से ज्यादा सावधान होकर काम करने लगते हैं। उन्होंने कहा यह सामान्य ज्ञान का मामला है कि प्रेस पर कई तरह के हमले होते हैं। कई पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें उनका काम करने के लिए लंबे समय तक जेल में रखा गया। कई पत्रकारों के विरुद्ध इसी कारण से प्राथमिकी दर्ज की गई। ऐसे भी मामले सामने आए हैं जब कुछ पत्रकारों को शालीनता से बात मानने पर मजबूर किया गया। न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा कि ऐसी घटनाएं सामने आईं जब मीडिया संगठनों को विज्ञापन नहीं दिए गए या विज्ञापन का भुगतान नहीं किया गया जिससे छोटे अखबार तबाह हो गए। उन्होंने मलयालम समाचार चैनल मीडियावन का परोक्ष रूप से उदाहरण देते हुए कहा अब एक नया मामला सामने आया है। एक टीवी चैनल के लाइसेंस का नवीकरण राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए नहीं किया गया। इस मामले में किसी कारण का खुलासा नहीं किया गया।

Top U.S. and Ukrainian diplomats meet at border with Poland to assess additional support to Kyiv.


World New York TimesBy BY LARA JAKES Via NYT To WORLD NEWS

कब और कैसे खत्‍म होगी रूस-यूक्रेन के बीच जंग, क्‍या हो सकता है भारत का रोल?

Russia-Ukraine Conflict: यूक्रेन पर रूस के हमले () का शनिवार को दसवां दिन था। अब तक सुलह (Russia-Ukraine Reconciliation) का रास्‍ता नहीं दिख रहा है। रूस को (Russia-Ukraine War) रोकने की कोशिशें जारी हैं। इसके लिए पश्चिमी देशों ने प्रतिबंधों (Sanctions on Russia) का भी सहारा लिया है। यह और बात है कि रूस अपने स्‍टैंड से टस से मस नहीं हुआ है। वहीं, यूक्रेन किसी भी कीमत पर हथियार रखने को तैयार नहीं है। वह आखिरी समय तक लड़ने का ऐलान कर चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर यह जंग () खत्‍म कैसे होगी? क्‍या इसे खत्‍म करने में भारत की भी कोई भूमिका हो सकती है? आइए, यहां समझने की कोशिश करते हैं कि कैसे इस युद्ध पर विराम लग सकता है। रूस को कर दिया जाए मजबूर रूस को पश्चिमी देशों ने अलग-थलग करने की कवायद शुरू कर दी है। उस पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए हैं। यूक्रेन पर हमले के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र के अलग-अलग निकायों में भी रूस के खिलाफ प्रस्‍ताव लाए गए हैं। इनका मकसद रूस को जंग रोकने के लिए मजबूर कर देना है। इस कड़ी में आगे और कदम उठाए जाने पर रूस पर लगातार दबाव बढ़ेगा। उसके लिए दुनिया से व्‍यापार करना मुश्किल होगा। रूस एक बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है। वह किसी भी हालत में सब कुछ दांव पर लगाकर अनिश्चितकाल तक युद्ध को जारी नहीं रख सकता है। यूक्रेन रूसी हमले के आगे टिका रहे हाल में हम देख चुके हैं कि किस तरह अफगानिस्‍तानी फौजों ने तालिबान के आगे कुछ ही दिनों में घुटने टेक दिए थे। इसने तालिबान को अफगान‍िस्‍तान पर कब्‍जा करने का मौका दिया। वह एक-एक कर तमाम इलाकों को अपने काबू में लेता चला गया। यूक्रेन के संबंध में भी यही बात लागू होगी। यहां उसके सैनिकों के धैर्य की अग्निपरीक्षा है। अब तक उसने रूसी हमले से लोहा लिया है। यूक्रेन ने राजधानी कीव पर कब्‍जा करने की रूसी सैनिकों की कोशिशों को नाकाम किया है। खारकीव और मारियुपोल जैसे प्रमुख शहरों पर भी उसका नियंत्रण बना हुआ है। युद्ध लंबे समय तक चलेगा तो इससे रूसी सेना का मनोबल टूटेगा। ऐसे में यूक्रेन के लिए रूसी सेना के सामने जमे रहना जरूरी है। देर सवेर यह युद्ध रुकने का कारण बन सकता है। धन-बल दोनों से कमजोर हो रूस प्रतिबंधों के रूप में पश्चिमी देशों का शिकंजा बढ़ने के साथ यूक्रेन का संयम रूस को धन-बल दोनों से कमजोर करेगा। दुनिया के ज्‍यादातर देशों को यूक्रेन का समर्थन प्राप्‍त है। यह भी उसे अपने से कई गुना ताकतवर रूस के सामने खड़े होने की ताकत देगा। अर्थव्‍यवस्‍था को डगमगाता देख व्‍लादिमीर पुतिन गुणा-गणित बदल सकते हैं। घरेलू स्‍तर पर रूस पर बढ़े दबाव पुतिन के सामने रूस के अंदर ही किसी तरह के विरोध को थामने की चुनौती होगी। छोटे-मोटे प्रदर्शनों की खबरें वहां से आई हैं। इनमें लोगों ने हमले का विरोध किया है। कई की गिरफ्तारी भी हुई है। अंदरूनी दबाव बढ़ा तो इसकी आंच सत्‍ता तक पहुंचेगी। रूस अपने मंसूबों में सफल हो रूस अगर अपनी सैन्‍य ताकत से यूक्रेन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दे तो भी युद्ध रुक जाएगा। हथियारों और सैन्‍य सजो-सामान से रूस यूक्रेन से कई गुना ज्‍यादा ताकतवर है। रूस की कीव पर कब्‍जा करने की कोशिशें जारी हैं। भारत की भूमिका भारत और चीन एशिया की दो प्रमुख महाशक्तियां हैं। यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर अब तक इनका रुख न्‍यूट्रल रहा है। भारत ने तो खासतौर से इस मामले में अपने सामने लक्ष्‍मण रेखा खींच रखी है। युद्ध की शुरुआत से ही वह यूक्रेन और रूस दोनों के संपर्क में रहा है। यहां तक उसने युद्ध को रोकने में अपनी ओर से किसी सार्थक भूमिका की पेशकश की है। भले भारत का यह रुख पश्चिमी देशों का अखरा है। लेकिन, भारत का यही रुख पुतिन के साथ किसी सार्थक बातचीत का पुल बन सकता है। भारत के साथ मिलकर चीन भी युद्ध को रोकने में बड़ा किरदार अदा कर सकता है।

Civilians waving white flags while fleeing a besieged city were stopped by heavy fighting, officials say.


World New York TimesBy BY MATTHEW MPOKE BIGG Via NYT To WORLD NEWS