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Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.

Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Wednesday, March 2, 2022

A Conductor Brings Nearly a Century of Experience to Beethoven


Arts New York TimesBy BY DAVID ALLEN Via NYT To WORLD NEWS

रूद्राक्ष महोत्सव पर अब भी विवाद जारी, शिवराज की मंत्री ने कथावाचक पर प्रशासन के दबाव को किया खारिज


विजित राव महाड़िक, नीमच: सीएम शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को लेकर शुरू हुआ विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सीहोर में शिवपुराण और रूद्राक्ष महोत्सव को बीच में रोकने के कथित सरकारी आदेश पर मचे घमासान के बीच राज्य की पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उषा ठाकुर ने कहा है कि प्रदीप मिश्रा पर प्रशासन ने कोई दबाव नहीं बनाया, न ही उनके कार्यक्रम को निरस्त किया गया है।

बुधवार को एक दिन के प्रवास पर नीमच पहुंची उषा ठाकुर ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा बहुत ही पुनीत और पावन कार्य कर रहे हैं। बीजेपी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की पक्षधर है और प्रदीप जी आध्यात्मिक प्रचार कर रहे हैं। उनकी कथा निरस्त करने का सवाल ही खड़ा नहीं होता। ठाकुर ने कहा कि बुधवार सुबह से ही कलेक्टर और एसपी उनकी कथा सुनने स्वयं भी पंडाल में बैठे हैं। अनुमान से कई गुना ज्यादा लोगों के पहुंचने से श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, प्रशासन केवल इसके लिए चिंतित था।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा सीहोर में भव्य श्री शिव महापुराण और रुद्राक्ष महोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें अनुमान से ज्यादा भीड़ हो जाने के बाद पंडित प्रदीप ने रोते हुए कथा को निरस्त करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कार्यक्रम को निरस्त करने के लिए प्रशासन उनके ऊपर दबाव डाल रहा है। इसीलिए भारी मन से वे इस कथा को विराम देने का निर्णय ले रहे हैं। इस घटना के बाद सत्ता और विपक्ष के कई आला नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। सरकार के मंत्री भी इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।


via WORLD NEWS

Tuesday, March 1, 2022

Texas 24th Congressional District Primary Election Results


U.S. New York TimesBy Unknown Author Via NYT To WORLD NEWS

Texas Railroad Commissioner Primary Election Results


U.S. New York TimesBy Unknown Author Via NYT To WORLD NEWS

सभी भारतीय नागरिकों ने कीव छोड़ा, यूक्रेन संकट के बीच सरकार ने दी अहम जानकारी

नई दिल्ली: विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने मंगलवार को कहा कि हमारे सभी नागरिकों ने कीव छोड़ दिया है और उन्होंने रूस एवं यूक्रेन के राजदूतों को भारत की उस मांग से अवगत करा दिया है कि खारकीव एवं संघर्ष वाले अन्य क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को ‘तत्काल सुरक्षित रास्ता’ मुहैया कराया जाए। श्रृंगला ने संवाददाताओं से कहा कि उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खारकीव में भारतीय नागरिक की मौत पर गहरी पीड़ा जताई है। विदेश सचिव ने कहा, ‘यूक्रेन में खारकीव, सूमी और अन्य संघर्ष क्षेत्रों की स्थिति को लेकर हम बहुत चिंतित हैं। अगले तीन दिनों में, भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 26 उड़ानें निर्धारित की गई हैं।’ उन्होंने कहा कि हमारी सूचना के मुताबिक, हमारे सभी नागरिकों ने कीव छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि रूस एवं यूक्रेन के राजदूतों को भारत की उस मांग से अवगत करा दिया है कि खारकीव एवं संघर्ष वाले अन्य क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को ‘तत्काल सुरक्षित रास्ता’ मुहैया कराया जाए। श्रृंगला ने कहा कि बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के अलावा, पोलैंड और स्लोवाक गणराज्य के हवाई अड्डों का भी उपयोग निकासी उड़ानों के संचालन के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वायुसेना का एक सी-17 विमान भारतीयों को वापस लाने के लिए बुधवार तड़के चार बजे रोमानिया के लिए उड़ान भर सकता है। विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों का फोन आया था । उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड के राष्ट्रपति से बात की है।

Texas 12th Congressional District Primary Election Results


U.S. New York TimesBy Unknown Author Via NYT To WORLD NEWS

कोविड महमारी के दौरान मुश्किल में रहे बुजुर्ग, सर्वेक्षण में हुआ खुलासा

नई दिल्ली: एक सर्वेक्षण () में पाया गया है कि करीब 85 प्रतिशत बुजुर्गों ने स्वीकार किया है कि उन्हें कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) के दौरान विभिन्न मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, जिनमें वित्तीय संकट सबसे ऊपर है। एजवेल फाउंडेशन द्वारा 10,000 बुजुर्गों के सर्वेक्षण से यह भी पता चला है कि 73.6 प्रतिशत (7,357) लोगों ने कहा कि लकवाग्रस्त स्वास्थ्य प्रणाली ने उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। एजवेल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष हिमांशु रथ ने कहा, ‘‘वृद्ध व्यक्तियों को भेदभाव-रहित तरीके से समान अधिकार और अवसर दिए जाने चाहिए, ताकि मुख्यधारा में उनकी भागीदारी और सतत विकास में योगदान सुनिश्चित किया जा सके।’’ सर्वेक्षण में पाया गया कि कोविड-19 की घटना ने 82.6 प्रतिशत से अधिक बुजुर्गों के दृष्टिकोण को बदल दिया, 75.1 प्रतिशत ने कहा कि वे भविष्य के बारे में आशावादी नहीं थे या यूं कहें कि भविष्य के बारे में अनिश्चित थे। सर्वेक्षण के अनुसार कोविड प्रभावितों (8,489 बुजुर्ग) में से 28.3 प्रतिशत (2,389) ने वित्तीय मुद्दों को सबसे महत्वपूर्ण बताया, जबकि 25.4 प्रतिशत (2,158) ने कहा कि उन्होंने सामाजिक मुद्दों को अधिक महत्वपूर्ण पाया। सर्वेक्षण में कहा गया है कि 22.4 प्रतिशत बुजुर्ग उत्तरदाताओं ने दावा किया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके लिए महत्वपूर्ण थीं और 21.7 प्रतिशत ने स्थिति के दौरान मनोवैज्ञानिक स्थितियों को अधिक महत्वपूर्ण पाया। बुजुर्गों पर किए सर्वेक्षण के अनुसार, 20.5 प्रतिशत बुजुर्गों ने यह भी दावा किया कि बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें अस्वस्थ या अस्वच्छ परिस्थितियों से समझौता करना पड़ा, जबकि 18.8 प्रतिशत बुजुर्गों ने दावा किया कि उन्होंने कोविड के दौरान मुद्रास्फीति के कारण अपनी बचत या निवेश खो दिये।