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Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Friday, February 11, 2022

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही 14 मार्च तक स्थगित, बजट सत्र का पहला चरण पूरा हुआ

नई दिल्ली : लोकसभा और राज्यसभा (Rajyasabha) की कार्यवाही शुक्रवार को आगामी 14 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई और इस तरह दोनों सदनों में बजट सत्र (Budget Session) का पहला चरण सम्पन्न हो गया। लोकसभा (Loksabha) की अगली बैठक अब 14 मार्च को शाम चार बजे और उच्च सदन की अगली बैठक इसी दिन सुबह 10 बजे शुरू होगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने सदन में सुचारू कामकाज के लिए सदस्यों का आभार व्यक्त किया और बताया कि इस दौरान कार्य उत्पादकता 121 प्रतिशत रही। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भी बजट सत्र के पहले चरण में उच्च सदन में जिस तरह से कामकाज हुआ, उसे लेकर सभापति एम वेंकैया नायडू और अपनी तरफ से प्रसन्नता जतायी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बजट सत्र के पहले चरण में हुए कामकाज का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को कहा, 'सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के लिए आवंटित 12 घंटे के समय के स्थान पर 15 घंटे 13 मिनट चर्चा हुई जिसमें 60 सदस्यों ने भाग लिया। 60 अन्य सदस्यों ने अपने लिखित भाषण सभा पटल पर रखे।' 121 प्रतिशत की उच्च कार्य उत्पादकताउन्होंने कहा कि इसी प्रकार, आम बजट पर सामान्य चर्चा के लिए आवंटित 12 घंटे के स्थान पर कुल 15 घंटे 33 मिनट चर्चा हुई जिसमें 81 सदस्यों ने भाग लिया और 63 अन्य सदस्यों ने अपने लिखित भाषण सभा पटल पर रखे। बिरला ने बजट सत्र के प्रथम चरण में सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा, 'कोरोना संक्रमण की चुनौतियों के बावजूद सांसदों ने सदन में देर रात तक कार्य करते हुए अपने संवैधानिक दायित्वों को प्रतिबद्धता के साथ निभाया, जिससे हम 121 प्रतिशत की उच्च कार्य उत्पादकता प्राप्त कर सके।' उन्होंने कहा कि इस दौरान सभी सदस्यों ने सदन को संचालित करने में अपना सकारात्मक सहयोग दिया तथा सभी विषयों पर व्यापक चर्चा-संवाद हुआ। बिरला ने सदस्यों से कहा, 'यह परम्परा हमारे लोकतंत्र को सशक्त बनाती है। ऐसे समृद्ध संवाद से हमारी संसदीय प्रणाली भी और मजबूत होती है। देश के नागरिकों का भी लोकतांत्रिक संस्थाओं में भरोसा और विश्वास बढ़ता है। इसके लिए मैं आप सभी माननीय सदस्यों को साधुवाद देता हूं।' एक बार भी शोरगुल के चलते स्थगित नहीं हुआ सदनउन्होंने यह भी कहा, 'मुझे आशा है कि आपका सकारात्मक सहयोग भविष्य में ऐसे ही मिलता रहेगा।' राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने कहा कि इस दौरान एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया जब सदन को (व्यवधान और शोरगुल की) विवशता के कारण स्थगित करना पड़ा हो। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के पहले चरण में उच्च सदन में निर्धारित समय से आधे घंटे अधिक कामकाज हुआ। हरिवंश ने कहा कि इसका श्रेय सदन के प्रत्येक सदस्य को जाता है। उन्होंने कहा कि इसके कारण सदस्य राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग ले सके। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के पहले चरण में सदन में 51 तारांकित प्रश्न पूछे गए वहीं विशेष उल्लेख के जरिए करीब 50 मुद्दे एवं शून्यकाल में लोक महत्व के 71 मुद्दे उठाये गये। उपसभापति ने सदन के सभी वर्गों को सकारात्मक भावना के साथ कामकाज करने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि आगे भी सदन इसी भावना के साथ काम करता रहेगा। 31 जनवरी को शुरू हुआ था बजट सत्रउल्लेखनीय है कि संसद के बजट सत्र की शुरूआत 31 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई थी। उसी दिन दोनों सदन में आर्थिक समीक्षा पेश की गई थी। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। दो फरवरी से दोनों सदनों में पहले राष्ट्रपति अभिभाषण और फिर आम बजट पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात फरवरी को लोकसभा में और आठ फरवरी को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया था। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर हुई चर्चा का जवाब गुरुवार को लोकसभा में और शुक्रवार को राज्यसभा में दिया। बजट सत्र का दूसरा चरण 14 मार्च से आठ अप्रैल तक चलने का कार्यक्रम है जिसमें अनुदान की मांगों, विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक को पारित करने के साथ अन्य विधेयकों को लिया जा सकता है।

Taylor Swift and Ed Sheeran Up the Ante, and 13 More New Songs


Arts New York TimesBy BY JON PARELES, JON CARAMANICA, ISABELIA HERRERA AND GIOVANNI RUSSONELLO Via NYT To WORLD NEWS

Thursday, February 10, 2022

The Ottawa Trucker Protests Are a Test of Democracy


Opinion New York TimesBy BY THE EDITORIAL BOARD Via NYT To WORLD NEWS

‘Marry Me’ Review: Putting ‘I Do’ on the To-Do List


Movies New York TimesBy BY WESLEY MORRIS Via NYT To WORLD NEWS

Listen to ‘The Daily’: Is Russia bluffing?


World New York TimesBy Unknown Author Via NYT To WORLD NEWS

The Anti-C.R.T. Movement and a Vision For a New Right Wing


Opinion New York TimesBy BY JAY CASPIAN KANG Via NYT To WORLD NEWS

'बजट के नाम पर गरीबों के साथ क्रूर मजाक', लोकसभा में सरकार पर बरसे अधीर रंजन

नई दिल्ली: लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को केंद्रीय बजट को ‘हवाबाजी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इसमें महंगाई रोकने, गरीबों के कल्याण और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर एक भी शब्द नहीं है और यह गरीबों, मजदूरों एवं किसानों के साथ किया गया ‘क्रूर मजाक’ है। वहीं भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि देश में पहली बार दूरगामी और भविष्य की सोच वाला बजट आया है। चौधरी ने लोकसभा में 2022-23 के केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के कुछ सदस्यों द्वारा प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि ‘बिना सोचे-समझे नेहरूजी के खिलाफ नहीं बोलें। इससे आप इस सदन की गरिमा को भी चोट पहुंचाते हैं।’ बीजेपी नेता तेजस्वी सूर्या ने बोला कांग्रेस पर हमला दरअसल भारतीय जनता पार्टी के नेता तेजस्वी सूर्या ने बुधवार को सदन में चर्चा में भाग लेते हुए कहा था समाजवादी विचारधारा के साथ पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकारों ने वंशवादी शासन जारी रखने के मंसूबों के तहत देश को गरीब बनाए रखा था। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी युवाओं को रोजगार दिये जाने और अमीरों-गरीबों के बीच खाई को पाटने की बात करते हैं तो उनके लिए अपशब्द बोले जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट का सार देखें तो इसमें कुछ नहीं है और केवल ‘हवाबाजी’ है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, किसानों, मजदूरों और अनुसूचित जातियों तथा जनजातियों के साथ ‘क्रूर मजाक’ है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस सरकार के शासनकाल में 60 लाख छोटे उद्योग खत्म हो गये, प्रति व्यक्ति आय और प्रति व्यक्ति खर्च कम हो गया। उन्होंने दावा किया कि 4.60 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे धकेल दिये गये। 'लोक कल्याण को जैसे रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया है’ चौधरी ने कहा कि बजट में गरीबों, रोजगार सृजन और महंगाई पर नियंत्रण जैसे विषयों के लिए एक शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि इसमें कर राहत की कोई बात नहीं है और लोक कल्याण को तो ‘जैसे रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया है’। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा बजट आया है जो दूरगामी, दूरदृष्टि और भविष्य की सोच वाला है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने पहले भी अच्छे बजट प्रस्तुत किये हैं, लेकिन चुनाव के समय में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भविष्य की सोच वाला बजट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि नजर आती है और इसमें सतत विकास की बात है। रूड़ी ने कहा कि बजट में अगले 25 साल का खाका प्रस्तुत किये जाने से ही विपक्ष के अनेक सदस्य हैरानी जता रहे हैं, जबकि इस तरह की दूरदृष्टि तो सैकड़ों सालों के लिए होती है और इतिहास में भी इसके अनेक उदाहरण हैं जहां सैकड़ों साल पुरानी परियोजनाएं आज भी जनता को लाभान्वित कर रही हैं। उन्होंने बजट में घोषित रोपवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे न कार्बन उत्सर्जन होगा, न पहाड़ तोड़े जाएंगे और ना ही पर्यावरण का नुकसान होगा। रूड़ी ने कहा कि लेकिन पिछली सरकारों ने इस बारे में कभी नहीं सोचा। रूड़ी ने कहा कि नाभिकीय संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) से ऊर्जा उत्पादन संबंधी आईटीईआर समझौता कांग्रेस की सरकार में हुआ था लेकिन मोदी सरकार ने उसे खत्म् नहीं किया, बल्कि आगे बढ़ाया जा रहा है क्योंकि यदि हाइड्रोजन फ्यूजन से ऊर्जा की परिकल्पना साकार हुई तो बिजली, ईंधन आदि की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार अच्छी योजनाओं को आगे बढ़ाती है, फिर चाहे उसे किसी भी नेतृत्व ने शुरू किया हो।