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Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Tuesday, August 31, 2021

BSF के नए डीजी बने पंकज कुमार सिंह, संजय अरोड़ा ITBP के नए महानिदेशक

नई दिल्ली भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1988 बैच के अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नए महानिदेशक (डीजी) के रूप में पदभार संभाल लिया है। वहीं उनके बैच के साथी संजय अरोड़ा ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रमुख का प्रभार ग्रहण किया। राजस्थान काडर के आईपीएस अधिकारी सिंह, सीमा सुरक्षा बल के विशेष महानिदेशक के रूप में कार्यरत थे। बीएसएफ पर पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती 6,300 किलोमीटर से अधिक लंबी भारतीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है और इसमें लगभग 2.65 लाख कर्मी हैं। सिंह के पिता एवं 1959 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह ने भी जून, 1993 से जनवरी, 1994 तक बीएसएफ का उसके महानिदेशक के रूप में नेतृत्व किया था। सिंह के बैच-साथी एवं तमिलनाडु काडर के आईपीएस अधिकारी अरोड़ा ने आईटीबीपी का कार्यभार संभाला, जो चीन के साथ लगती 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने 25 अगस्त को सिंह को नये बीएसएफ महानिदेशक के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। अधिकारी ने एलएलबी, एम.फिल और आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए किया है और उनकी सेवानिवृत्ति अगले साल दिसंबर में निर्धारित है। उन्होंने राजस्थान पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में भी काम किया है। उन्होंने बीएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में इसकी पूर्वी कमान का नेतृत्व किया है जिसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ के नक्सल विरोधी अभियान का इसके महानिरीक्षक के रूप में भी नेतृत्व किया है। अरोड़ा अब तक सीआरपीएफ में विशेष डीजी के रूप में कार्यरत थे और अब लगभग 90,000 कर्मियों वाले आईटीबीपी का नेतृत्व करेंगे। वह जुलाई, 2025 में सेवानिवृत्त होंगे। दोनों नये डीजी ने 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी एस एस देसवाल से पदभार ग्रहण किया, जो मंगलवार को सेवानिवृत्त हुए थे। देसवाल बीएसएफ के डीजी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।

टोक्यो पैरालंपिक : बिहार के लाल ने किया कमाल, मुजफ्फरपुर के शरद कुमार ने भारत के लिए जीता कांस्य पदक


मुजफ्फरपुर।
टोक्यो पैरालंपिक में भारत को दो और मेडल मिले हैं. मरियप्पन थंगावेलु ने सिल्वर और मुजफ्फरपुर के मोतीपुर के रहने वाले शरद कुमार ने ब्रॉन्ज जीता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के लाल शरद कुमार को भारत के लिए कांस्य पदक जीतने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के शरद कुमार के कांस्य पदक जीतने पर बिहार के साथ ही पूरा देश गौरवान्वित है। नीतीश कुमार ने कहा कि शरद कुमार की कड़ी मेहनत स्पर्धा के प्रति जुनून और उनके दृढ़संकल्प के कारण ही उन्हें आज यह मुकाम हासिल हो सका है। केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने भी शरद कुमार को जीत की बधाई दी है। पुरुषों की ऊंची कूद टी63 में शरद कुमार ने 1.83 मीटर कूद लगाकर ब्रॉन्ज मेडल जीतने की खबर मिलते ही परिवार के साथ पूरे मुजफ्फरपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई।


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WORLD NEWS: Man finds hidden attic in new house full of valuable antiques


"Man finds hidden attic in new house full of valuable antiques This is every homeowner’s dream. " Via FOX NEWS To WORLD NEWS

WORLD NEWS: Nick Jonas eats off of wife Priyanka Chopra's backside in cheeky photo: 'Yummy'


"Nick Jonas eats off of wife Priyanka Chopra's backside in cheeky photo: 'Yummy' The actress shared a hilarious photo to Instagram Sunday of her husband taking a fork and knife to her butt while she was wearing a bikini. Entertainment" Via FOX NEWS To WORLD NEWS

Monday, August 30, 2021

New data confirm Pfizer and Moderna vaccines bring a small risk of heart problems, especially for boys and younger men.


Health New York TimesBy BY EMILY ANTHES Via NYT To WORLD NEWS

बेटियां सैनिक स्‍कूल जाने की तैयारी में, जमीयत उलेमा-ए-हिंद चाहता है 'तालिबानी रूल'

नई दिल्लीदेश में जब सैनिक स्‍कूलों में बेटियों के लिए दरवाजे खुल गए हैं तो कुछ मजहबी संगठनों को उनके 'को-एड' स्‍कूलों में भी पढ़ने पर ऐतराज है। वो देश में तालिबानी 'तौर-तरीकों' की पैराकारी करते दिख रहे हैं। सोमवार को (जेयूएच) के अध्यक्ष अरशद मदनी की अपील में भी कुछ इसी तरह की सोच दिखाई दी। मदनी ने सभी गैर-मुसलमानों से अपनी बेटियों को अश्लीलता से बचाने के लिए सह-शिक्षा (को-एजुकेशन) स्कूलों में नहीं भेजने की अपील की है। उन्होंने लड़कियों को उनके लिए बने अलग स्कूलों में ही भेजने पर जोर दिया। अरशद मदनी ने यह अपील ऐसे समय की है जब तालिबान ने अफगानिस्‍तान में सह-शिक्षा पर बंदिश लगा दी है। यह फरमान भी जारी किया है कि वहां पुरुष बेटियों या महिला छात्रों को नहीं पढ़ाएंगे। लड़के और लड़कियों को साथ पढ़ने की इजाजत नहीं होगी। यह कदम प्राइमरी से लेकर यूनिवर्सिटी लेवल तक लागू होगा। मदनी बोले- बनाए जाएं अलग शिक्षण संस्‍थान जेयूएच की कार्यसमिति की बैठक के बाद सोमवार को जारी एक प्रेस बयान में मदनी बोले, 'अनैतिकता और अश्लीलता किसी धर्म की शिक्षा नहीं है। दुनिया के हर धर्म में इसकी निंदा की गई है, क्योंकि यही चीजें हैं जो देश में दुर्व्यवहार फैलाती हैं। इसलिए, हम अपने गैर-मुस्लिम भाइयों से भी कहेंगे कि वे अपनी बेटियों को अनैतिकता और दुर्व्यवहार से दूर रखने के लिए सह-शिक्षा देने से परहेज करें और उनके लिए अलग शिक्षण संस्थान स्थापित करें।' कार्यसमिति की बैठक के दौरान बालक-बालिकाओं के लिए स्कूल-कॉलेजों की स्थापना, विशेष रूप से लड़कियों के लिए धार्मिक वातावरण में अलग-अलग शिक्षण संस्थान और समाज में सुधार के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। मदनी ने कहा कि आज की स्थिति में लोगों को अच्छे मदरसों और उच्च धर्मनिरपेक्ष शिक्षण संस्थानों की जरूरत है, जिसमें बच्चों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान किए जा सकें। मुसलमानों को अपने बच्चों को किसी भी कीमत पर उच्च शिक्षा से लैस करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमें ऐसे स्कूलों और कॉलेजों की सख्त जरूरत है, जहां हमारे बच्चे, खासकर लड़कियां बिना किसी बाधा या भेदभाव के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।' क्‍या भूल गए मदनी? अफगानिस्‍तान में बेटियों को बेटों से अलग शिक्षा देने के कदम की जानकारों ने तीखी निंदा की थी। कहा गया कि यह कदम लड़कियों को उच्‍च शिक्षा लेने से वंचित करेगा। इस तरह के कदम की भारत में तो कल्‍पना भी नहीं की जा सकती है। पहले ही देश में क्‍वालिटी स्‍कूल और कॉलेजों की कमी है। मदनी अपील करते हुए शायद भूल गए कि यह अफगानिस्‍तान नहीं हिंदुस्‍तान है। मदनी के इस बयान का यह भी मतलब निकलता है कि क्‍या सह-शिक्षण संस्‍थानों में अश्लीलता पढ़ाई जाती है। सैनिक स्‍कूलों के खुल गए हैं दरवाजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75वें स्‍वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए एक बड़ा ऐलान किया था। उन्‍होंने कहा था कि देश की बेटियां अब किसी भी सैनिक स्‍कूल में एडमिशन के लिए आवेदन कर सकेंगी। यानी देश के सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे अब उनके लिए भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री बोले थे, 'यह देश के लिए गौरव की बात है कि शिक्षा हो या खेल, बोर्ड्स के नतीजे हों या ओलिंपिक का मेडल, हमारी बेटियां आज अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रही हैं। आज भारत की बेटियां अपना स्पेस लेने के लिए आतुर हैं। मुझे लाखों बेटियों के संदेश मिलते थे कि वे भी सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहती हैं, उनके लिए भी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोले जाएं।'

WORLD NEWS: CDC panel recommends Pfizer/BioNTech COVID-19 vaccine under full FDA approval


"CDC panel recommends Pfizer/BioNTech COVID-19 vaccine under full FDA approval An independent panel of experts advising the Centers for Disease Control and Prevention (CDC) recommended use of the Pfizer COVID-19 vaccine for people 16 years and older under full FDA approval. Health" Via FOX NEWS To WORLD NEWS