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Monday, January 25, 2021

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Opinion New York TimesBy BY PAUL KRUGMAN Via NYT To WORLD NEWS

गणतंत्र दिवस आज, साथ में किसानों का ट्रैक्टर मार्च भी, किले में तब्दील हुई दिल्ली

नई दिल्ली देश में आज 72 गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। एक तरफ राजपथ से रिपब्लिक डे परेड निकलेगी तो दूसरी तरफ दिल्ली बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान संगठन आज ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह और किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के मद्देनजर राजपथ और राष्ट्रीय राजधानी की कई सीमाओं पर हजारों सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। दिल्ली में पहले से बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बंदोबस्त हैं। राजपथ से नैशनल स्टेडियम तक जाएगी रिपब्लिक डे परेड कोरोना की वजह से इस बार परेड विजय चौक से शुरू होकर नैशनल स्टेडियम तक ही जाएगी जबकि हर बार रिपब्लिक डे परेड राजपथ से शुरू होकर लाल किले तक जाती थी। रिपब्लिक डे परेड के जरिए दुनिया को भारत की ताकत, संस्कृति और अनेकता में एकता की झलक दिखाई जाती है। ट्रैक्टर परेड में 2 लाख ट्रैक्टर होंगे शामिल तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने कहा कि उनकी परेड मध्य दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगी और यह गणतंत्र दिवस पर होने वाली आधिकारिक परेड के समापन के बाद ही शुरू होगी। संगठनों ने दावा किया है कि उनकी परेड में करीब दो लाख ट्रैक्टरों के हिस्सा लेने की उम्मीद है और यह सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाज़ीपुर (यूपी गेट) से चलेगी। दिल्ली पुलिस के सामने पहली बार ऐसी स्थिति गणतंत्र दिवस पर हर साल मोर्चा संभालने वाली दिल्ली पुलिस के सामने संभवतः पहली बार ऐसी स्थिति सामने आई है। गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होने के बाद भी दिल्ली पुलिस की सतर्कता कम नहीं होगी। राजपथ की परेड खत्म होने के बाद भी पुलिस को पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों पर तैनात रहना होगा क्योंकि उसके बाद किसानों की 'गणतंत्र परेड' शुरू होगी। किसानों का ट्रैक्टर परेड दोपहर में शुरू होकर देर शाम तक चलने की उम्मीद है। कोरोना गाइडलाइंस का रखा जा रहा ख्याल एक अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर निगरानी रखने के लिए करीब छह हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस की चेहरे से पहचान करने वाली प्रणाली भी उचित स्थानों पर स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना के मद्देनजर राजपथ पर लोगों की जांच करने वाले कर्मी पीपीई किट पहने होंगे और मास्क व फेस शील्ड (चेहरे के आगे शीशा) लगाए हुए होंगे। ऊंची इमारतों पर शार्प शूटर तैनात गणतंत्र दिवस परेड के मार्ग पर नजर रखने के लिए ऊंची इमारतों पर शार्प शूटरों और स्नाइपरों को तैनात किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह और प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में और नगर के आसपास 5 स्तरीय सुरक्षा कवर तैनात किया गया है।

इस बार रिपब्लिक डे पर नहीं होंगे कोई चीफ गेस्ट, जानिए कब-कब हुआ ऐसा

नई दिल्ली 72वें गणतंत्र दिवस को लेकर देशभर में तैयारी पूरी है। आज सुबह राजपथ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। लेकिन एक खास चीज जो इस बार गणतंत्र पर पूरा देश मिस करेगा वह यह कि इस बार गणतंत्र दिवस पर कोई चीफ गेस्ट नहीं होगा। ऐसा कोरोना महामारी की वजह से हो रहा है। 5 दशकों में यह पहला मौका बीते पांच दशक में यह पहली बार होगा कि में कोई भी चीफ गेस्ट नहीं होगा। इसके अलावा आर्मी के वेटरन्स, मोटरसाइकिल स्टंट दिखाने वाले परेड का हिस्सा नहीं होंगे। कोरोना प्रतिबंधों के कारण परेड की लंबाई को भी कम किया गया है। इस बार परेड लाल किले से पहले ही नेशनल स्टेडियम पर ही खत्म होगी। चीफ गेस्ट के तौर पर ब्रिटेन के पीएम आने वाले थे ब्रिटेन में तेजी से फैल रहे कोरोना के नए स्ट्रेन का असर भारत के गणतंत्र दिवस समारोह पर भी पड़ा। इसकी वजह से ब्रिटिश पीएम ने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया। वह 26 जनवरी के समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर हिस्सा लेने वाले थे। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की थी और आने में असमर्थता जताई। जॉनसन ने कहा कि उनके लिए ब्रिटेन में रहना जरूरी है ताकि वह वायरस की रोकथाम पर ध्यान दे सकें। हालांकि ब्रिटिश पीएम ने आभार भी जताया कि उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया। चौथी बार हुए ऐसा जॉनसन का दौरा रद्द होने के बाद यह चौथा मौका है, जब 26 जनवरी पर कोई विदेशी मुख्य अतिथि नहीं होगा। इससे पहले साल 1952, 1953 और 1966 में भी बिना विदेशी मेहमान के गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन हुआ था। कोरोना की वजह से गणतंत्र दिवस में कई सारे बदलाव कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में कई सारे बदलाव किए गए हैं। इस बार परेड की लंबाई छोटी रखी गई है तो वहीं, एनसीसी कैडेट्स की संख्या को भी कम रखा गया है। हर साल परेड देखने के लिए आने वाली आम जनता की संख्या में भी भारी कटौती की गई है। हालांकि गणतंत्र दिवस को लेकर उत्साह में कोई कमी नहीं है।

रिपब्लिक डे 2021ः आखिर क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानिए पूरा इतिहास

नई दिल्ली भारत आज अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर साल जनवरी की 26 तारीख को देश में गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर देशवासियों का हर्षोल्लास देखने लायक होता है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरा भारत एक रंग में रंगा नजर आता है। हमारे इस गौरवशाली गणतंत्र का भी एक इतिहास है। क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस देश में संविधान की स्थापना दिवस के रूप में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। भारत में 26 जनवरी 1950 को ही देश का संविधान लागू हुआ था। इस दिन भारत में भारत सरकार अधिनियम (1935) को निरस्त कर नए सविंधान लागू करते हुए नए संविधान को पारित कर दिया था। उसी के बाद से हर साल 26 जनवरी के दिन को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाया जाता है। पहली बार 26 जनवरी को ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था आपको बता दें कि सबसे पहले 26 जनवरी 1929 को लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में भारत को पूर्ण गणराज्य का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव पेश किया गया था जिसे अंग्रेजों ने नामंजूर कर दिया था। इसके बाद 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने भारत को पूर्ण गणराज्य की घोषणा कर दी थी। संविधान निर्माण की शुरुआत 9 दिसंबर 1946 को हुई थी जिसे बनने में कुल 2 साल 11 महीने और 18 दिन लग गए। 26 नवंबर 1949 को संविधान को सभापति को सौंप दिया गया जिसके बाद 26 जनवरी 1950 को इसे आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया। हमारा देश संविधान के मुताबिक ही चलता है। गणतंत्र दिवस के दिन होता है देश के शौर्य का प्रदर्शन गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल राजपथ पर सेना के अदम्य शौर्य का प्रदर्शन किया जाता है। भारत की तीनों सेनाएं इस मौके पर दुनिया को भारत की ताकत का एहसास कराती हैं। इस मौके पर अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक झांकी निकलती है जिसके जरिए यह बताने की कोशिश की जाती है कि विविधता में एकता ही भारत की पहचान है।

Republic Day 2021: रिपब्लिक डे परेड, जानिए कहां से शुरू होगी और कहां खत्म होगी

नई दिल्ली भारत आज अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। हर साल की तरह इस बार भी राजपथ पर सेना के शौर्य का प्रदर्शन होगा और भव्य परेड निकलेगी। हालांकि कोरोना वायरस महामारी की असर इस बार के गणतंत्र दिवस पर भी साफ दिखाई देगा क्योंकि कोरोना गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए इस बार गणतंत्र दिवस परेड में कई बदलाव किए गए हैं। नैशनल स्टेडियम तक ही जाएगी परेड इस बार परेड विजय चौक से शुरू होकर नैशनल स्टेडियम तक ही जाएगी जबकि हर बार रिपब्लिक डे परेड राजपथ से शुरू होकर लाल किले तक जाती थी। रिपब्लिक डे परेड के जरिए दुनिया को भारत की ताकत, संस्कृति और अनेकता में एकता की झलक दिखाई जाती है। परेड में कम रहेगी एनसीसी कैडेट्स की संख्या कोविड- 19 की वजह से इस बार रिपब्लिक डे परेड में एनसीसी कैडेट्स की भागीदारी भी कम होगी। इस वक्त दिल्ली में देश भर के 1000 कैडेट्स रिपब्लिक डे परेड कैंप में हैं। इनमें से 250 कैडेट्स परेड का हिस्सा होंगे। इस बार कैंप में जितने कैडेट्स हैं उनमें 38 फीसदी लड़कियां हैं। दस्तों की संख्या भी कम होगी कोरोना की वजह से इस बार परेड में मार्चिंग दस्ते की संख्या को 144 से घटा कर 96 कर दिया गया है। इससे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सकेगा। परेड के सेंकड इन कमांड मेजर जनरल चीफ ऑफ स्टाफ (दिल्ली एरिया) आलोक काकेर ने कहा कि इस बार राजपथ पर परेड देखने वालों की संख्या भी 25 हजार तक ही सीमित कर दी गई है। पहले करीब 1.5 लाख लोग परेड देखने में पहुंचते थे।