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Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.

Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Tuesday, September 1, 2020

DDMA की बैठक आज, दिल्ली में अनलॉक-4 की गाइडलाइन और मेट्रो परिचालन होगा मुख्य अजेंडा


दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) ने आज अहम बैठक बुलाई है। डीडीएमए की बैठक में दिल्ली में अनलॉक-4 की गाइडलाइन के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो सेवाएं शुरू होने को लेकर तैयारियों पर बात होनी है। via WORLD NEWS The Navbharattimes

Racebook Row: संसदीय समिति आज करेगी चर्चा, शशि थरूर ने तलब किए FB के प्रतिनिधि


फेसबुक को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच आज होने वाली बैठक के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Senior Congress leader Shashi Tharoor) की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी मामलों की स्थायी समिति ने फेसबुक के प्रतिनिधियों को तलब किया है। via WORLD NEWS The Navbharattimes

Monday, August 31, 2020

जब प्रणब दा की तारीफ करते रो पड़े थे PM मोदी, बताया था पिता जैसा, देखिए पूरा वीडियो

नई दिल्ली पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए एक तस्वीर ट्वीट की है जिसमें वह उनका पैर छूकर आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं। पीएम ने यह भी याद किया कि कैसे 2014 में प्रधानमंत्री बनने पर वह दिल्ली में जब नए-नए थे तब मुखर्जी का उन्हें भरपूर सहयोग और आशीर्वाद मिला था। दरअसल पीएम मोदी और प्रणब मुखर्जी के रिश्तों में गर्मजोशी ही ऐसी थी। 2017 में तो मोदी तत्कालीन राष्ट्रपति मुखर्जी की तारीफ करते हुए रो दिए थे और उन्हें अपने लिए एक पिता जैसा बताया था। दरअसल, 2017 में मुखर्जी का राष्ट्रपति के तौर पर कार्यकाल खत्म होने से चंद दिनों पहले उन पर एक किताब के विमोचन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी उनकी तारीफ करते-करते भावुक हो गए थे। 'प्रेजिडेंट प्रणब मुखर्जी : अ स्टेट्समैन ऐट द राष्ट्रपति भवन' किताब को जारी करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रणब मुखर्जी उनका ऐसे ख्याल रखते हैं जैसे कोई पिता अपनी संतान का रखता है। प्रणब दा से मिले डांट का जिक्र करते हुए तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, 'अंतर्मन से कह रहा हूं। कोई पिता अपनी संतान की जैसे देखभाल करे। देखो मोदीजी, आधा दिन तो आराम करना ही पड़ेगा। मुझे डांटे थे प्रणब दा जी ने। भाई इतना काहे दौड़ रहे हो। कुछ कार्यक्रम कम करो। तुम तबीयत का संभालो। चुनाव के दिन थे उत्तर प्रदेश में। मुझे कहते थे कि भाई जीत और हार तो चलती रहती है लेकिन शरीर का भी देखोगे कि नहीं देखोगे। ये राष्ट्रपति के दायित्व का हिस्सा नहीं था। लेकिन उनके भीतर का इंसान अपने एक साथी की चिंता। और मैं मानता हूं कि ये व्यक्तित्व, ये सम्मान, ये रूप राष्ट्रजीवन के लिए एक बहुत बड़ा हम जैसे लोगों के लिए एक प्रेरणा देने वाला काम होता है और वो काम प्रणब दा ने किया है। आदरणीय राष्ट्रपति जी ने किया है।' भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजे जा चुके पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार को निधन हो गया। उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्हें 10 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन मुखर्जी ने ट्वीट कर खुद के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी दी थी लेकिन वह उनका आखिरी ट्वीट साबित हुआ।

चीन से बढ़े तनाव के बीच पड़ोसियों को कैसे साध रहा भारत, जयशंकर ने दे दिया इशारा

नई दिल्ली लद्दाख में चीन से जारी तनाव के बीच भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहा है। इसके लिए भारत अपने पड़ोसी देशों में निवेश पर भी जोर दे रहा है। हाल में ही भारत ने मालदीव को महत्वपूर्ण संपर्क परियोजना के लिए 50 करोड़ डॉलर की मदद देने का ऐलान किया है। वहीं, श्रीलंका के विदेश सचिव जयनाथ कोलंबेज ने कहा था कि श्रीलंका अपनी विदेश नीति में पहले भारत दृष्टिकोण को अपनाएगा। भारत की समृद्धि क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाली ताकत बनेगी इस बीच सोमवार को अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच पर बातचीत के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि भारत काफी ज्यादा क्षेत्रीय निवेश कर रहा है लेकिन इसे और बढ़ाए जाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की समृद्धि पूरे क्षेत्र को ऊपर उठाने वाली ताकत बननी चाहिए। उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ बेहतर परिवहन व्यवस्था पर भी जोर दिया। भारत के आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों पर जोर जयशंकर ने आर्थिक विकास बढ़ाने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए आत्मनिर्भर बनने के भारत के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्धि पूरे क्षेत्र को ऊपर उठाने वाली ताकत बननी चाहिए। देश को पड़ोस में निवेश करने और ज्यादा संपर्क परियोजनाएं चलाने की जरुरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम वाकई यह सबकुछ कर रहे हैं। पड़ोसी देशों को बिजली और ईंधन सप्लाई कर रहा भारत जयशंकर ने बताया कि भारत पिछले पांच साल से ज्यादातर पड़ोसी देशों के लिए बिजली आपूर्तिकर्ता बन गया है, कई देशों को ईंधन भी मुहैया कराता है। उन्होंने बताया कि भारत क्षेत्र में जलमार्ग, बंदरगाहों, रेलवे नेटवर्क और अन्य परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है।

एक महीने में दूसरी बार भूकंप के झटकों से थर्राया मणिपुर, रिक्टर स्केल पर 5.1 तीव्रता

नई दिल्लीएक महीने में दूसरी बार मणिपुर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। पिछले महीने 11 अगस्त को भूकंप आया था, जबकि सोमवार देर रात करीब 2.39 बजे दूसरी बार भूकंप का झटका महसूस किया गया। नैशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.1 आंकी गई। भूकंप का केंद्र मणिपुर के 55 किलोमीटर पूर्व में उखरूल में था। हालांकि, इस भूकंप से अभी तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान होने की खबर नहीं है। इससे पहले 11 अगस्त को शाम करीब साढ़े सात बजे मणिपुर के कुछ हिस्सों में भूकंप आया था। अच्छी बात यह है कि इस भूकंप के दौरान भी कोई नुकसान नहीं हुआ था। नैशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र मणिपुर के मोइरंग इलाके से 43 किमी दक्षिण में था। भूकंप की तीव्रता 4.0 बताई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि झटकों के कारण कुछ देर तक मोइरंग और इसके आसपास के हिस्सों में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। बीते कुछ महीनों में कई बार भूकंप के झटके उल्लेखनीय है कि बीते कुछ दिनों में पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के तमाम हिस्सो में भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। हाल ही में दिल्ली, एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और राजस्थान में भी हल्के भूकंप की घटनाएं बीते कुछ महीनों में रिपोर्ट की जा चुकी हैं।

DNA ANALYSIS: LAC पर भारत के आक्रामक रुख से डरा चीन, सीमा विवाद को लेकर की ये भविष्यवाणी


चीन ने पहली बार भारत पर ये आरोप लगाया है कि भारत की सेना सीमा का उल्लंघन करके उसके इलाके में घुस आई है. चीन की सेना ने मांग की है कि भारत को जल्द से जल्द अपने सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए. via WORLD NEWS Zee News Hindi: India News

पैंगोंग सो क्षेत्र में भारत की मजबूती से बौखलाया ड्रैगन, घुसपैठ की साजिश नाकाम होने के बाद दी ये धमकी


भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो के आसपास स्थित सभी ‘रणनीतिक बिंदुओं’ पर सैनिकों और हथियारों की तैनाती महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा दी है. via WORLD NEWS Zee News Hindi: India News