Friday, April 17, 2020

मई के तीसरे हफ्ते तक ही चलेगा कोरोना का जोर

नई दिल्ली दुनिया भर में फैली कोरोना महामारी भारत में मई के बाद कमजोर पड़ सकती है। एक स्टडी के मुताबिक, यह मई के मध्य तक भारत को तेजी से अपनी चपेट में लेगी। फिर मई के तीसरे हफ्ते में मामले अपने टॉप लेवल पर पहुंच सकते हैं। उसके बाद अगर लॉकडाउन और बचाव के दूसरे तरीकों का सही तरीके से पालन किया गया तो मामलों में कमी आनी शुरू हो जाएगी। 'टाइम्स फैक्ट - इंडिया आउटब्रेक रिपोर्ट' में भारत में कोरोना की कुछ संभावनाओं का अनुमान लगाया गया है, उनमें यह एक है। यह स्टडी ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म प्रोटिविटी और टाइम्स नेटवर्क ने की है। 16 अप्रैल की इस रिपोर्ट में यह पता लगाया गया कि देश में कोरोना की बीमारी किस रफ्तार से फैलेगी, इसका सबसे ऊंचा स्तर कब आएगा। रिपोर्ट में 8 राज्यों और देश के टॉप 3 हॉटस्पॉट से मिले डेटा की मदद ली गई। इसमें केंद्र सरकार के आंकड़ों, सरकारी बुलेटिनों और स्वास्थ्य मंत्रालय के अपडेट का उपयोग किया गया है। विदेश के ट्रेंड को भी ध्यान में रखा गया। रिपोर्ट के तथ्यों में आगे बदलाव हो सकता है क्योंकि कोरोना पर डेटा रोज बदल रहे है। ऐहतियात बरतने से तय होगा, कितने बढ़ेंगे केस प्रोटिविटी के डेटा एंड अनालिसिस विंग के डायरेक्टर ध्रुवज्योति घोष ने कहा कि हमने स्टडी में अपनाए सभी मॉडलों को एक-दूसरे के साथ मिलाकर देखा और आंकड़े पेश किए। स्टडी में तीन मॉडलों को अपनाया गया। ये हैं : SEIR मॉडल और टाइम सीरीज के दो मॉडल। SEIR यानी Susceptible (बेहद संवेदनशील), Exposed (सामने आ चुके), Infectious (संक्रमण फैलाने वाले), Recovered (ठीक हो चुके)। उधर मेदांता के चेयरमैन डॉ नरेश त्रेहन ने कहा कि अभी लॉकडाउन है और 20 अप्रैल के बाद ही असली स्थिति सामने आएगी। हर देशवासी को ऐहतियात बरतनी जारी रखनी होगी और इसी से तय होगा कि केसों में कितनी कमी आएगी।

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