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Don’t Travel on Memorial Day Weekend. Try New Restaurants Instead.

Food New York TimesBy BY NIKITA RICHARDSON Via NYT To WORLD NEWS

Monday, February 15, 2021

दिशा रवि के बाद 'टूलकिट' केस में दो के खिलाफ वॉरंट, 1000 रेडार पर

एनबीटी ब्यूरो, नई दिल्ली में दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को मुंबई की वकील निकिता जैकब और पुणे के इंजिनियर शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी किए गए। इस मामले में देश-विदेश एक हजार से ज्यादा लोग पुलिस के रेडार पर हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि देश के खिलाफ साजिश रचने के लिए 6 दिसंबर को एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया गया, जिसमें दिशा, शांतनु, निकिता और खालिस्तानी समर्थक ग्रुप पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के एमओ धालीवाल समेत तमाम लोग जोड़े गए। टूलकिट को दिशा, निकिता और शांतनु ने मिलकर तैयार किया। इसके लिए 11 जनवरी को जूम के जरिए मीटिंग हुई, जिसमें 70 लोग शामिल हुए। धालीवाल ने कनाडा में रह रही पुनीत के जरिये निकिता से संपर्क किया था। शुरू में टूलकिट कुछ लोगों को दिया गया, हालांकि वह गलती से पब्लिक डोमेन में आ गया। पुलिस के मुताबिक, दिशा ने उस वॉट्सऐप ग्रुप को डिलीट कर दिया है, जिसे टूलकिट तैयार करने के लिए बनाया गया था। सूत्रों का कहना है कि इसमें तारीख के साथ टाइम, हैशटैग की जानकारी थी। ये लोग चाहते थे कि दूसरे देशों में भारतीय दूतावासों पर प्रदर्शन हों। दिल्ली-बेंगलुरु में हो रही छापेमारीवॉरंट जारी होने के बाद सोशल जस्टिस और क्लाइमेट एक्टिविस्ट निकिता जैकब ने बॉम्बे हाई कोर्ट में ट्रांजिट बेल की अर्जी दायर की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक कई टीमें लगातार मुंबई और बेंगलुरु में छापेमारी कर रही हैं। शांतनु की तलाश में पुलिस की टीम महाराष्ट्र के बीड में उनके घर भी गई, लेकिन वह नहीं मिले। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि कनाडा में बैठा एमओ धालीवाल खालिस्तानी समर्थक है। वहीं, इस पूरी साजिश के लिए आईएसआई की ओर से फंडिंग हुई है। इन सबकी जांच की जा रही है। दिशा की गिरफ्तारी पर भड़का विपक्ष‘टूलकिट’ केस में ऐक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी को विपक्ष ने लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए कहा है कि भारत की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, बोल कि लब आजाद हैं तेरे, बोल कि सच जिंदा है अब तक! वो डरे हैं, देश नहीं। उन्होंने कहा कि भारत खामोश नहीं होने वाला है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से, फैले हैं हिम्मत के उजाले एक निहत्थी लड़की से। विपक्ष के आरोपों पर भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, 'एक अपराधी तो अपराधी है। अगर वह नाबालिग नहीं है तो फिर लिंग और आयु का कोई मतलब नहीं रह जाता। मुंबई पर हमले के वक्त अजमल कसाब 21 साल का था।’ भाटिया ने कहा, 'किसानों का समर्थन करना अपराध नहीं है, लेकिन भारत के खिलाफ साजिश करना और दूसरों को भड़काना निश्चित तौर पर अपराध है।' 'कमला हैरिस के नाम का इस्तेमाल न करेंभारत में किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट कर चर्चा में आईं मीना हैरिस को अमेरिका के राष्‍ट्रपति कार्यालय की ओर से हिदायत दी गई है। वाइट हाउस ने मीना हैरिस से कहा है कि वह कमला हैरिस के नाम का इस्तेमाल अपने ब्रांड को बनाने में न करें। बता दें कि मीना हैरिस अमेरिका की उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस की भांजी हैं। टूलकिट का बहाना, पाक ने साधा निशानादिशा की गिरफ्तारी पर पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ ने भारत सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि मोदी और आरएसएस के नेतृत्व में भारत में उन सभी आवाजों को दबाया जा रहा है, जो सरकार के खिलाफ हैं। इमरान खान की पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा है कि भारत में विरोधियों को उसी तर्ज पर शांत किया जा रहा है, जैसा जम्मू-कश्मीर में किया गया था।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि, गैस सिलिंडर पर सब्सिडी नहीं और दाम भी बढ़ा, आम आदमी हलकान

पूनम गौड़/प्रियंका सिंहनई दिल्ली/जयपुर/भोपाल यह सेंचुरी दर्द दे रही है। मुंह से आह संग निकल रहा है- अब तो पैदल चलने में ही फायदा है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल 99.87 और डीजल 91.86 पर है। प्रीमियम पेट्रोल तो 100 के पार है। भोपाल का हाल भी कुछ ऐसा ही है। दिल्ली में आज पेट्रोल 89.29 तो डीजल 79.70 पर है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी और पेट्रोल के बढ़ते दाम। कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों के सामने इस समय यही बड़ा सवाल है कि इस समस्या से कैसे बाहर निकलें? लोगों के अनुसार, पिछले दो से तीन महीने में पेट्रोल का खर्च दो गुना से अधिक बढ़ चुका है। कामकाजी लोगों की जेब कटी कोरोना काल में किसी की कंपनी ने कैब सर्विस बंद कर दी है तो किसी की सैलरी कम हो गई है। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो एनसीआर से आते-जाते हैं। ट्रेनें और सीधी बस न होने की वजह से उनकी मुश्किलें पेट्रोल की बढ़ी कीमतों ने काफी बढ़ा दी है। इसे लेकर नाराजगी भी दिख रही है। लोगों के अनुसार, अगर गुरुग्राम के पुराने हिस्से से वेस्ट दिल्ली आना हो तो मेट्रो तक पहुंचने के लिए कई साधन बदलने पड़ते हैं। बस से भी बार-बार साधन बदलने पड़ते हैं। ट्रेन थी तो आसानी से सफर हो जाता था, लेकिन अब बाइक या कार से ही अप-डाउन करना पड़ रहा है। ऐसे में कई व्यापारी तो अपनी दुकानों को हफ्ते में दो से तीन दिन बंद रखने लगे हैं क्योंकि पेट्रोल का खर्चा इतना अधिक है कि रोज दुकान जाना संभव नहीं हो पा रहा। नोएडा व गुरुग्राम की कई कंपनियों ने पिक एंड ड्रॉप सुविधा बंद की हुई है, जिससे अब एंप्लॉईज को अपने खर्चे पर जाना पड़ रहा है। ऐसे में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से महीने का खर्च करीब 3 से 4 हजार रुपये तक बढ़ गया है। इसके अलावा कुछ लोग जो डायबिटीज, बीपी आदि बीमारियों से जूझ रहे हैं वे भी एहतियात बरतते हुए मेट्रो से दूर हैं। लिहाजा, वे भी कार से ही अप-डाउन कर रहे हैं और पेट्रोल उनके घर के बजट को हिला रहा है। लोगों के अनुसार, इसकी वजह से सेविंग्स खत्म हो गई है। इंश्योरेंस की ईएमआई नहीं जा पा रही। किसानों पर पड़ रही बुरी मार नजफगढ़ के किसान वीरेंद्र डागर ने बताया कि किसान खेती के लिए डीजल का प्रयोग करते हैं। खेत में पानी चलाने से लेकर फसल को ट्रैक्टर में लादकर मंडी तक ले जाने में डीजल का इस्तेमाल होता है। अगर डीजल के दाम बढ़ेंगे, तो सब्जी और खाद के भी दाम बढ़ेंगे। दिल्ली के किसानों को अपनी फसल का सही दाम भी नहीं मिलता है। डीजल की कीमत बढ़ने की वजह से अब हर किसान को एक एकड़ जमीन में खेती से लेकर फसल मंडी तक पहुंचाने में तकरीबन 3000 रुपये खर्च हो रहे हैं। पहले यह खर्च करीब 2000 रुपये था। किसानों का कहना है कि अगर एमएसपी कानून लिखित में लागू हो जाए, तो किसानों को सब्सिडी की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। वहीं कैब ड्राइवर राजू ने बताया कि पेट्रोल के दाम से बढ़ने से किराया भी बढ़ेगा। सबसे ज्यादा दिक्कत मध्यमवर्गीय परिवारों को होगी। सबसे ज्यादा कैब इस्तेमाल भी मध्यमवर्गीय लोग ही करते हैं। उनके घर के बजट पर असर पड़ेगा तो हमारी कमाई पर भी असर देखने को मिलेगा। ट्रांसपोर्टरों ने दी हड़ताल की चेतावनी डीजल की बढ़ती कीमतों और उच्च कर का विरोध करते हुए ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल पर जाने की रविवार को चेतावनी दी। ट्रांसपोर्टरों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने कहा कि डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके अलावा कर की उच्च दरें, ई-वे बिल से संबंधित कई बातों और वाहनों को कबाड़ करने की मौजूदा नीति आदि पर एआईएमटीसी की संचालन परिषद में चर्चा की गई। एआईएमटीसी लगभग 95 लाख ट्रक ड्राइवरों और लगभग 50 लाख बसों व पर्यटक ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। संगठन ने बयान में कहा कि उसके राष्ट्रीय नेतृत्व ने मांगों के समाधान की दिशा में प्रक्रिया शुरू करने के लिये सरकार को 14 दिन का नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। प्रमुख मांगों में डीजल की कीमतों में तत्काल कमी और इसमें एकरूपता, ई-वे बिल व जीएसटी से संबंधित मुद्दों का समाधान और वाहनों को कबाड़ करने की नीति को अमल में लाने से पहले ट्रांसपोर्टरों के साथ इस बारे में चर्चा शामिल है। संगठन ने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो वे देश भर में परिचालन बंद करने को बाध्य होंगे। पहले ही नहीं मिल रही सब्सिडी, अब गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से लोग परेशान 'आमदनी अठन्नी खर्चा रुपइया' यह कहना आम लोगों का है। जब से उन्हें पता चला है कि गैर-सब्सिडी घरेलू सिलेंडर (एलपीजी) के दाम बढ़ गए हैं। तब से आम लोगों के सामने यही सवाल है कि अब घर कैसे चलेगा? पहले ही कोविड की वजह से ज्यादातर प्राइवेट कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी नहीं बढ़ाई है और पिछले कई महीनों से सब्सिडी का पैसा भी नहीं आ रहा है। इससे लोगों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों के सामने एक ही सवाल है कि सब्सिडी मिलेगी, या नहीं। अगर नहीं मिलेगी, तब 769 रुपये का गैस सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। बता दें कि फरवरी 2021 में दूसरी बार एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। 15 फरवरी से घरेलू सिलेंडर में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर का दाम दिल्ली में 719 रुपए से बढ़कर 769 रुपए हो गया है। झुलझुली गांव के दीपक का कहना है कि बिजली की कटौती की वजह से घर में गैस वॉटर गीजर है। साल में तकरीबन 9 से 10 सिलेंडर का प्रयोग होता है। आखिरी बार 550 का एक सिलेंडर लिया था। साल का खर्च 5500 रुपये था। अब साल के 10 सिलेंडर का खर्च 7690 होगा। इस तरह लगभग साल का खर्च 2190 रुपये और बढ़ गया। जबकि आमदनी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। दूसरी ओर पीएनजी सस्ती पड़ती है, लेकिन उसकी सप्लाई गांव में नहीं है। पीएनजी की सप्लाई गांव में लाने के लिए कई बार विभाग को लेटर भी लिखा है, लेकिन कोई सकरात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

पूर्वी लद्दाख में भारत की इस 'शर्त' के आगे झुका चीन, पीछे हटते हुए उखाड़े अपने तंबू

पेइचिंग लद्दाख की पैंगॉन्ग झील से भारत और चीन के बीच सेनाएं पीछे लेने पर सहमति कायम करने के बाद आखिरकार ड्रैगन ने अपना बोरिया-बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है। दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर समझौता हुआ था कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) फिंगर 8 को छोड़ेगी। भारतीय सैनिक भी धान सिंह थापा पोस्ट पर फिंगर 2 और 3 के बीच पीछे जाएंगे। चीनी PLA पैंगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर 4 को आखिरकार खाली कर रही है। माना जा रहा है कि दोनों ओर से पूरी प्रक्रिया एक हफ्ते में कर ली जाएगी। यहां पिछले साल PLA ने कब्जा कर रखा था और भारत के साथ यथास्थिति को बदला था। चीनी सैनिक यहां बने शेल्टर और दूसरे ढांचों को हटा रहे हैं। भारत का कहना है कि फिंगर 8 तक हमारा क्षेत्र है जबकि चीन फिंगर 4 तक अपना दावा ठोंकता है। दोनों सेनाओं में इस क्षेत्र के बीच झड़पें हुई हैं। यह इलाका पैंगॉन्ग के उत्तरी तट से 8 किमी दूर है। दोनों सेनाओं के पीछे हटने के बाद पट्रोलिंग तब शुरू होगी जब दोनों पक्ष कूटनीतिक और सैन्य वार्ता के जरिए कोई समझौता करेंगे। भारत ने रखी थी शर्त दरअसल, सेनाएं पीछे लेने के लिए की जा रही बातचीत के दौरान भारत ने साफ कह दिया था कि अगर फिंगर 5 खाली नहीं हुआ तो समझौता नहीं हो सकता। इस पर चीन ने कम-से-कम 30 सैनिकों को फिंगर 5 पर मौजूद रहने देने की इजाजत मांगी, लेकिन भारत फिर भी नहीं माना। आखिरकार, चीन जब फिंगर 8 से पूरी तरह वापस जाने को राजी हुआ तब भारत ने भी अपनी सेना फिंगर 3 तक वापस लाने की हामी। इन्फ्रास्ट्रक्चर नष्ट करने की डील इसके बाद भी भारत ने यह शर्त रखी थी कि फिंगर 3 से 8 के बीच कोई भी देश पेट्रोलिंग नहीं करेगा। भारत ने चीन से यह बात मनवा ली कि अप्रैल 2020 के बाद पीएलए ने जो भी इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा किए, उन्हें नष्ट किया जाएगा। चीन ने फिंगर 8 और 4 के बीच निर्माण कार्य का सिलसिला तब शुरू किया जब भारत 1999 में पाकिस्तान के साथ करगिल युद्ध में उलझा हुआ था। 10 साल में चीन ने यहां ने भारी निर्माण कराया है।

टूलकिट केसः दिशा रवि पर अनिल विज का 'विवादित' ट्वीट नहीं हटाएगा ट्विटर

चंडीगढ़ हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को जलवायु कार्यकर्ता की गिरफ्तारी को लेकर ट्वीट किया कि 'देश विरोध का बीज जहां कहीं भी हो, उसका समूल नाश कर देना चाहिए।' इस ट्वीट को लेकर विवाद बढ़ गया। शिकायत के बाद भी ट्विटर ने इसे हटाने से इनकार कर दिया है। ट्विटर ने मंत्री को नोटिफिकेशन दिया है कि उसे इस ट्वीट को लेकर एक शिकायत मिली थी, लेकिन जांच के बाद पाया गया कि इस ट्वीट ने किसी दिशा-निर्देश का उल्लंघन नहीं किया है। वहीं विपक्षी दलों ने विज के ट्वीट की जमकर आलोचना की है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, 'निश्चित ही इस प्रकार के ट्वीट हमारे लोकतंत्र के लिए उस टूलकिट से कहीं अधिक खतरनाक हैं, जिसे दिशा रवि ने रीट्वीट किया था।' बता दें कि बीजेपी नेता विज ने ट्वीट किया था कि देश विरोध का बीज जिस किसी के भी दिमाग में हो, उस बीज को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहिए। फिर चाहे वह दिशा रवि हो या कोई और। विज ने यह टिप्पणी पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी के दो दिन बाद की। दिशा रवि को सोशल मीडिया पर किसानों के प्रदर्शन से संबंधित 'टूलकिट' कथित रूप से साझा करने को लेकर गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि 21 वर्षीय कार्यकर्ता 'टूलकिट गूगल डॉक' की संपादक हैं और दस्तावेज बनाने और उसका प्रसार करने वाली 'मुख्य साजिशकर्ता' हैं। दिशा रवि को साइबर प्रकोष्ठ ने शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था । पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए एक 'टूल किट ' साझा की थी। इस 'टूल किट ' में विभिन्न कदमों के बारे में जानकारी दी गई थी, जिनमें ट्विटर पर विरोध करना, भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन करना शामिल था।

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