Sunday, July 31, 2022

The Red Cross says it still doesn’t have access to the prison camp where dozens of Ukrainians died.


World New York TimesBy BY CASSANDRA VINOGRAD AND MATTHEW MPOKE BIGG Via NYT To WORLD NEWS

ज्यूडिशरी को हिचक छोड़ कम्युनिकेशन के आधुनिक साधन अपनाने चाहिए, सुप्रीम कोर्ट के जज ने ऐसा क्यों कहा?

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘न्यायाधीशों के सामने कई तरह के विचार हैं कि अगर अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दें तो क्या होगा? क्या लोग हमारा आकलन करना शुरू कर देंगे? या अगर हम अदालती कार्यवाही को ‘लाइव स्ट्रीम’ करते हैं तो समुदाय का सम्मान खो सकते हैं।’

UP News: Ram नाम लिखा पत्थर यूपी की ईसन नदीं में तैरता मिला, गांव के लोग करने लगे पूजा-पाठ


मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में ईसन नदी में एक पत्थर तैरने का वीडियो वायरल हुआ है, जिस पर राम लिखा है और यह पत्थर पानी में डूब नही रहा है। पत्थर का बजन 5.700 किलोग्राम बताया गया है। पानी मे तैरने बाला ये पत्थर लोगों के कौतूहल का विषय बना हुआ है। राम रावण युद्ध के दौरान नल नील ने जो पुल बनाया था, उसके पत्थर से जोड़कर लोग इसे देख रहे है। बताया जा रहा है कि आस्था से जोड़कर लोग इसे पूजा अर्चना के लिए मंदिर के पास कुंड़ी बनाकर उसमें रखना चाहते हैं।

वायरल वीडियो थाना बेवर इलाके के अहमलपुर गांव के निकट से होकर गुजर रही ईसन नदी का है। बताया जा रहा है कि बीती 30 जुलाई की सुबह गांव के कुछ छोटे बच्चे नदी में मछलियां पकड़ रहे थे। इसी दौरान उन्हें नदी के किनारे एक काला सा पत्थर तैरता हुआ दिखाई दिया। पत्थर को बच्चों ने नदी से निकाल लिया, जिस पर राम लिखा हुआ है।

लोग पत्थर को मंदिर में करना चाहते है स्थापित
पत्थर को तोड़कर देखा तो ठोस निकला, इसके बाद पत्थर को पुनः जोड़ दिया। लोग इस पत्थर को धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे है। लोगों का मानना है कि राम रावण के युद्ध के दौरान नल नील ने जो पुल बनाया था, उसका भी ये पत्थर हो सकता है। स्थानीय लोग पूजा पाठ के लिए इस चमत्कारी पत्थर को एक मंदिर के पास स्थापित करना चाहते है। हालांकि इस पत्थर का वजन आकार के सापेक्ष काफी कम है। हालांकि काफी दूर-दूर से लोग एक पत्थर को देखने के लिए गांव में पहुंच रहे हैं।
रिपोर्ट - आशीष कुमार सक्सेना


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