Sunday, May 22, 2022

Biden Warns That Monkeypox Spread Would be ‘Consequential’


World New York TimesBy BY NETWORK POOL Via NYT To WORLD NEWS

पीएम मोदी दो दिवसीय यात्रा पर जापान रवाना, क्वाड समिट में लेंगे हिस्सा

टोक्यो में 24 मई को होने वाले शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस शामिल होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि हम हिन्द-प्रशांत क्षेत्र से संबंधित घटनाक्रम और पारस्परिक हित के वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का अदान-प्रदान करेंगे।

Kharkiv residents say their city is coming back to life.


World New York TimesBy Unknown Author Via NYT To WORLD NEWS

सोनिया-राहुल से महान है भारत कोई कांग्रेसी यह कह दे तो चली जाएगी नौकरी... हिमंत बिस्व सरमा का गांधी परिवार पर तीखा वार

असम के सीएम हिमंत बिस्‍व सरमा ने रविवार को कांग्रेस और गांधी परिवार को निशाने पर लिया। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस में गांधी परिवार ही सब कुछ है। पार्टी के अंदर वह देश से भी बड़ा है। सीएम ने मदरसा शिक्षा को लेकर भी हमला किया। वह बोले, बच्‍चों को साइंस पढ़ाने की जरूरत है। मदरसा शब्‍द विलुप्‍त हो जाना चाहिए।

पहले भारत और अब दुनिया कर रही सलाम, WHO ने 10 लाख महिला आशा स्वयंसेवकों को किया सम्मानित

WHO ने कहा कि सम्मानित लोगों में आशा भी हैं जिसका हिंदी में अर्थ उम्मीद है। भारत में 10 लाख से अधिक महिला स्वयंसेवकों को समुदाय को स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया।

राज्यसभा चुनाव की दौड़... प्रियंका गांधी के लिए ऑप्‍शन की भरमार, सिब्बल, आनंद शर्मा और चिदंबरम आस लगाए बैठे

अगले महीने राज्‍यसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस इसके लिए उम्मीदवारों के बारे में फैसला ले सकती है। कई बड़े नेता दोबारा नामित किए आने की आस लगाए बैठे हैं। इनमें कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और पी चिदंबरम जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। वहीं, राज्‍य की कई इकाइयां प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए माहौल बनाने में जुटी हैं।

विवेकानंद, टैगोर का जिक्र कर आरिफ मोहम्मद खान बोले- गलत तरीके से हुई धर्म की व्‍याख्‍या

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटरनेशनल सेमिनार में पहुंचे थे। उन्‍होंने कहा कि धर्म का अर्थ व्यापक है। यह अलग बात है कि इसकी व्याख्या हमेशा सिर्फ रिलिजन के तौर पर हुई। इसने समस्‍याओं को पैदा किया। इसे ठीक करने की जरूरत है। इसके लिए उन्‍होंने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी भूमिका निभाने को कहा।