Sunday, December 26, 2021

Hollywood Tests the Limit of Marquee Names a Single Film Can Hold


Business New York TimesBy BY BROOKS BARNES Via NYT To WORLD NEWS

Wayne Thiebaud, Playful Painter of the Everyday, Dies at 101


Obituaries New York TimesBy BY MICHAEL KIMMELMAN Via NYT To WORLD NEWS

Declaration of Mark Kroll, Ph.D.


U.S. New York TimesBy Unknown Author Via NYT To WORLD NEWS

Trial Testimony Declaration of Dr. Tom Neuman


U.S. New York TimesBy Unknown Author Via NYT To WORLD NEWS

WORLD NEWS: Maria Bartiromo on the continuing rise of inflation, new jobs report


"Maria Bartiromo on the continuing rise of inflation, new jobs report FOX Business host Maria Bartiromo analyzes the October jobs report showing U.S. economy added 531,000 jobs last month. Economy" Via FOX NEWS To WORLD NEWS

Is Disney the Met’s Fairy Godmother?


Arts New York TimesBy BY MAX LAKIN Via NYT To WORLD NEWS

बेढंगे संदर्भ देकर परिजनों को वैवाहिक विवादों में फंसाया जा रहा है, दहेज हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

नयी दिल्लीसुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में एक पुरुष और एक महिला के खिलाफ आपराधिक मुकदमा यह कहते हुए रद्द कर दिया कि प्राथमिकी में बेढंगे आरोपों के जरिये पति के परिजनों को वैवाहिक विवादों में आरोपी बनाया जा रहा है। न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होता है- कोर्टपीठ ने कहा, ‘बड़ी संख्या में परिवार के सदस्यों के नाम बेढंगे संदर्भ के जरिये प्राथमिकी में दर्ज किये गये हैं, जबकि प्रदत्त विषय-वस्तु उनकी सक्रिय भागीदारी का खुलासा नहीं करती है, इसलिए उनके खिलाफ मामले का संज्ञान लेना उचित नहीं था। यह भी कहा गया है कि इस तरह के मामलों में संज्ञान लेने से न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होता है।’ सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणीशीर्ष अदालत ने कहा कि मृतका के पिता द्वारा दर्ज की गई शिकायत का अवलोकन करने से आरोपी की संलिप्तता का खुलासा करने वाले किसी विशेष आरोप का संकेत नहीं मिलता है। पीठ ने हाल ही में एक आदेश में कहा है, ‘इस अदालत ने बार-बार पति के परिवार के सदस्यों को वैवाहिक विवादों में बेढंगे संदर्भों के जरिये आरोपी बनाने पर ध्यान दिया है।’ कोई अन्य बाहरी चोट के प्रमाण नहीं हैं- सुप्रीम कोर्टशीर्ष अदालत ने कहा है कि चोट लगने के आरोप तो दर्ज किये गये हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम प्रमाण पत्र में सिवाय गर्दन के चारों ओर मृत्यु-पूर्व चोट के निशान और दम घुटने के कारण मौत के अलावा कोई अन्य बाहरी चोट के प्रमाण नहीं हैं। पीठ ने कहा,‘अपीलकर्ताओं के मामले और रिकॉर्ड में रखी गई सामग्री के संबंध में, हमारा विचार है कि अपीलकर्ताओं के खिलाफ अस्पष्ट और बेतुके आरोपों को छोड़कर, कोई विशेष आरोप नहीं हैं जो कथित अपराधों के लिए उन पर मुकदमा चलाने के लिए अपीलकर्ताओं की संलिप्तता का खुलासा करते हैं।’ मांग करने का आरोपमृतका के पिता ने 25 जुलाई 2018 को गोरखपुर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी छोटी बेटी का पति, देवर, ननद और सास दहेज के तौर पर चार-पहिया वाहन और नकद 10 लाख रुपये की लगातार मांग कर रहे थे। यह भी आरोप है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे उसकी बेटी को पीटते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। शिकायत में आगे कहा गया था कि 24 जुलाई, 2018 को रात करीब आठ बजे आरोपियों ने साझा मंशा से उनकी बेटी को पीटा, उसके गले में फंदा डालकर उसकी हत्या कर दी और फिर लटका दिया।

Is Disney the Met’s Fairy Godmother?


Arts New York TimesBy BY MAX LAKIN Via NYT To WORLD NEWS

कांग्रेस रैलियों पर रोक लगाने की मांग करेगी या नहीं? सुरजेवाला ने दिया जवाब

नई दिल्ली कांग्रेस ने रविवार को कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर है कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के प्रसार के बीच राजनीतिक रैलियों के आयोजन पर रोक लगाई जानी चाहिए या नहीं। साथ ही जोर दिया कि जो भी फैसला लिया जाएगा, कांग्रेस उसका पालन करेगी। कांग्रेस रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेगी या नहीं? इस सवाल पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि इस पर फैसला सरकार को लेना है। सुरजेवाला ने कहा, 'सत्ता में कौन है....भाजपा। प्रधानमंत्री कौन हैं....नरेंद्र मोदी जी। उत्तर प्रदेश में सत्ता में कौन है....भाजपा। वैज्ञानिक आंकड़े किसके पास उपलब्ध हैं....मोदी सरकार। ऐसे में जमीनी स्तर पर ओमीक्रोन के खतरे की जानकारी किसके पास हो सकती है.... सरकार।' कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा ने संविधान और कानून के मुताबिक प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी और अधिकार सरकार के पास है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी या वाम दल फैसला कैसे ले सकते हैं? सुरजेवाला ने कहा कि सभी तथ्य जानने के बाद इस बारे में फैसला प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लेना होगा।